बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामले में जांच का दायरा बढ़ा, आरोपियों की संपत्ति भी खंगालेगी पुलिस; गणना कक्ष की सुरक्षा हुई और सख्त

देहरादून/चमोली। बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। अब तक दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और चढ़ावे के रिकॉर्ड की जांच कर रही पुलिस ने मामले के आर्थिक पहलुओं पर भी फोकस बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों की भी पड़ताल करेंगी। यदि जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अलग से कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का मानना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए केवल चढ़ावे के रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति का भी गहन विश्लेषण आवश्यक है।

वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं की भी होगी जांच

सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या चढ़ावे की गणना में अनियमितताएं लंबे समय से होती रही हैं। इसी उद्देश्य से पुराने अभिलेखों, वित्तीय रिकॉर्ड और गणना प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों का विशेषज्ञों की मदद से परीक्षण कराया जा रहा है।

पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिक परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गणना कक्ष में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

जांच के बीच बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत कर दिया गया है। गणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कक्ष में कई नए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

गणना कक्ष में अब शीशे की मजबूत दीवार लगाई गई है, जबकि ऊपरी हिस्से में करीब दो फीट ऊंची मजबूत जाली स्थापित की गई है ताकि किसी भी प्रकार की बाहरी दखलंदाजी की संभावना समाप्त हो सके।

इसके अलावा पूरे गणना कक्ष में पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो गणना प्रक्रिया के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि की लगातार निगरानी करेंगे। इन कैमरों के जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

मुख्य आरोपी की पुलिस रिमांड पर आज होगी सुनवाई

मामले के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर शनिवार को न्यायालय में सुनवाई प्रस्तावित है। पुलिस का मानना है कि यदि रिमांड मिल जाती है तो पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान चढ़ावा हेराफेरी के तौर-तरीकों, संभावित सहयोगियों और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

जांच समिति भी कर रही समानांतर पड़ताल

पुलिस जांच के साथ-साथ शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति भी स्वतंत्र रूप से पूरे मामले की जांच कर रही है।

समिति मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। जिन कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। इसके साथ ही संबंधित वित्तीय अभिलेखों, चढ़ावे के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।

आर्थिक रिकॉर्ड और साक्ष्यों पर विशेष नजर

पुलिस टीम मामले को मजबूत बनाने के लिए सभी वित्तीय दस्तावेजों, गणना रजिस्टरों, चढ़ावे से जुड़े अभिलेखों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहन छानबीन कर रही है। जांच एजेंसियों का प्रयास है कि उपलब्ध दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने लाई जा सके।

जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी के प्रमाण मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस, जांच समिति और प्रशासन की संयुक्त नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *