NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद, पेपर लीक के आरोपों और देशभर में छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार को अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

छात्रों की भावनाओं का सम्मान बताते हुए लिया फैसला

अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय देश के युवाओं की भावनाओं और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौजूदा विवाद छात्रों के करियर पर और अधिक प्रतिकूल प्रभाव न डाले तथा स्थिति का कोई अनुचित लाभ न उठाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा विवाद सामने आने के बाद उन्होंने जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय स्थिति से निपटने का प्रयास किया और सरकार ने जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए तथा परीक्षा दोबारा आयोजित कराई।

क्या है पूरा NEET-UG विवाद?

NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रों और अभिभावकों में व्यापक असंतोष पैदा किया। देशभर में परीक्षा प्रणाली में सुधार, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग तेज होती गई।

जंतर-मंतर से देशभर तक फैला आंदोलन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान विभिन्न छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज हुए तथा कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं।

इस्तीफे के बाद आगे की प्रक्रिया

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। संसदीय परंपरा के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेजा जाता है। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को आवश्यक सलाह देते हैं और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर इस्तीफा औपचारिक रूप से प्रभावी होता है। समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।

राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG विवाद के बीच केंद्र सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति, परीक्षा सुधारों की रूपरेखा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों की नजर रहेगी।

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