देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रेमनगर से यूनिवर्सिटी तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने गणेश गोदियाल समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सुद्धोवाला जेल भेज दिया।
प्रेमनगर से शुरू हुआ विरोध मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी के वरिष्ठ नेता शनिवार को प्रेमनगर से आगे नंदा की चौकी के पास एकत्र हुए। यहां से सभी ने पैदल मार्च निकालते हुए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय कार्यालय की ओर कूच किया।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक
यूनिवर्सिटी कार्यालय के बाहर पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें नीचे उतारा और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
गणेश गोदियाल समेत कई नेता हिरासत में
हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बाद में सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया।
प्रदर्शन में कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पार्टी नेताओं ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की भी मांग की।
रुद्रपुर में भी हुआ प्रदर्शन
देहरादून के साथ-साथ रुद्रपुर में भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
लक्सर में भूख हड़ताल को मिला समर्थन
हरिद्वार जिले के लक्सर में भी नीट पेपर लीक और छात्रों के समर्थन में चल रहे आंदोलन ने जोर पकड़ लिया। शिव चौक पर भीम आर्मी के नेतृत्व में जारी पांच दिवसीय भूख हड़ताल को विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों का समर्थन मिला।
भीम आर्मी के कैप्टन दीपक सेठपुर के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन (पटेल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कीरत सिंह भी पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने के साथ स्वयं भी भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की।
प्रदेशभर में बढ़ रहा विरोध
UTU पेपर लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज होते दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी, लेकिन किसी भी स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।