चंडीगढ़। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) के ऑपरेशन ‘हार्ड बॉल’ से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर और होशियारपुर के टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कथित तौर पर 4 करोड़ रुपये (करीब 4 लाख अमेरिकी डॉलर) की फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में नाम सामने आने के बाद उन्हें पहले लाइन हाजिर किया गया था, जिसके बाद पंजाब पुलिस की आंतरिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस ने इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क, विदेशी जांच एजेंसियों और पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के कथित गठजोड़ से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
एफबीआई के ऑपरेशन में सामने आया भारतीय पुलिस अधिकारी का नाम
जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में सक्रिय संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाया। एफबीआई के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच में पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का नाम सामने आया।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पंजाब पुलिस के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा के साथ मिलकर अमेरिका में रह रहे एक भारतीय मूल के परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की साजिश रची। जांच के दौरान नागरा की कुछ तस्वीरें भी गैंगस्टरों के साथ सामने आने का दावा किया गया।
हत्या के मामले से जुड़ा है पूरा विवाद
यह मामला 15 जनवरी 2026 को होशियारपुर जिले के टांडा क्षेत्र के गांव मियाणी में हुई आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की हत्या से जुड़ा है।
बताया गया कि शाम करीब चार बजे तीन बाइक सवार हमलावरों ने बलविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद टांडा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी से जुड़ी पोस्ट वायरल हुई। इसके बाद 24 मई 2026 को तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद सामने आया है।
पुलिस ने उस समय आरोप लगाया था कि अमेरिका में रहने वाले रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह, जो मृतक के समधी भी हैं, ने अपनी बेटी के तलाक संबंधी विवाद के चलते शूटरों को सुपारी दिलवाई थी।
अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर मांगने का आरोप
अमेरिका में रहने वाले रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह ने बाद में शिकायत दर्ज कराई कि हत्या के मामले में उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाए रखने तथा राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख अमेरिकी डॉलर की मांग की गई।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पहले अमेरिका में रह रहे परिवार की पूरी जानकारी जुटाई और फिर भारत में मौजूद अपने संपर्कों के माध्यम से हत्या के मामले का दबाव बनाकर भारी रकम वसूलने की कोशिश की।
जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित फिरौती की इस साजिश में कुछ भारतीय पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका रही, जिनमें तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया।
पंजाब पुलिस ने दर्ज किया मामला
एफबीआई की ओर से मिली जानकारी और पंजाब पुलिस की विभागीय जांच के बाद देर रात इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों या गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया मामला
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें पहली बार एफबीआई के एक अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के दौरान पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का नाम कथित रूप से संगठित अपराध और फिरौती के नेटवर्क से जुड़ा सामने आया है। भारतीय और अमेरिकी जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, जबकि पंजाब पुलिस भी मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।