हल्द्वानी की मुद्रिका खुशी गुरुरानी ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में नेशनल टेक्निकल ऑफिशियल बन बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच बार की राष्ट्रीय पदक विजेता बॉक्सर को वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ने किया सम्मानित, खेल और शिक्षा दोनों में पेश की मिसाल

हल्द्वानी। उत्तराखंड की बेटी मुद्रिका खुशी गुरुरानी ने एक बार फिर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। बॉक्सिंग के क्षेत्र में अपनी शानदार उपलब्धियों के लिए पहचान बना चुकी मुद्रिका ने अब नेशनल टेक्निकल ऑफिशियल (NTO) के रूप में विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर एक नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 2 जुलाई 2026 को वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक की ओर से आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल जगत के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। खिलाड़ी के रूप में अपनी प्रतिभा साबित करने के बाद अब उन्होंने तकनीकी अधिकारी के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना ली है।

राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पास की NTO परीक्षा

मुद्रिका ने गुवाहाटी (असम) में आयोजित 8वीं अंडर-19 राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान आयोजित नेशनल टेक्निकल ऑफिशियल (NTO) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इसके बाद उनके प्रदर्शन और योग्यता को विश्व रिकॉर्ड के लिए मान्यता प्रदान की गई।

इस उपलब्धि के साथ मुद्रिका उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने बॉक्सिंग में खिलाड़ी और तकनीकी अधिकारी—दोनों भूमिकाओं में उत्कृष्ट पहचान बनाई है।

पांच बार की राष्ट्रीय पदक विजेता हैं मुद्रिका

मुद्रिका खुशी गुरुरानी पहले से ही पांच बार की राष्ट्रीय पदक विजेता बॉक्सर हैं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर कई पदक अपने नाम किए हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें देशभर में एक अलग पहचान दिलाई है।

अंतरराष्ट्रीय तैराक के रूप में भी किया भारत का प्रतिनिधित्व

बॉक्सिंग के अलावा मुद्रिका अंतरराष्ट्रीय तैराक (International Swimmer) भी हैं और भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दो अलग-अलग खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।

खेल के साथ शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

खेलों में लगातार उपलब्धियां हासिल करने के साथ-साथ मुद्रिका अपनी शिक्षा पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं। वर्तमान में वह मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और सही समय प्रबंधन के जरिए खेल और शिक्षा दोनों में सफलता हासिल की जा सकती है।

परिजनों और प्रशिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

अपनी इस उपलब्धि पर मुद्रिका खुशी गुरुरानी ने अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, मार्गदर्शकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी बॉक्सिंग और तकनीकी अधिकारियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण

मुद्रिका खुशी गुरुरानी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि उत्तराखंड के खेल जगत के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी सफलता न केवल युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का हौसला देगी, बल्कि यह भी साबित करती है कि समर्पण और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उत्तराखंड की इस होनहार बेटी ने एक बार फिर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है।

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