बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी में बड़ा एक्शन, पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

30 जून को हुए थे सेवानिवृत्त, CCTV फुटेज के आधार पर SIT की कार्रवाई; 22, 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत


चमोली। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। चार घंटे तक चली गहन पूछताछ के बाद शुक्रवार दोपहर एसआईटी ने उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश करेगी।

राजेंद्र चौहान 30 जून 2026 को मंदिर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन पर मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता में संलिप्त होने का आरोप है।

CCTV फुटेज बनी गिरफ्तारी का आधार

एसआईटी की जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम साक्ष्य बनकर सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में राजेंद्र चौहान कथित रूप से गणना कक्ष से नकदी निकालते हुए दिखाई दिए। इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उनसे पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

22 जून की रिकॉर्डिंग में भी दिखीं संदिग्ध गतिविधियां

पुलिस की जांच में 22 जून की सीसीटीवी फुटेज में भी कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक फुटेज में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध दिखाई दे रही है। एसआईटी अब उन सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

DVR किया गया सील

मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी सिस्टम का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। इसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि रिकॉर्डिंग की प्रमाणिकता सुनिश्चित की जा सके और इसे न्यायालय में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके।

जांच के दायरे में कई और लोग

पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच हर पहलू से की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चढ़ावे में कथित हेराफेरी किसी एक व्यक्ति तक सीमित थी या इसमें अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका रही।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस मामले में इससे पहले मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका को हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। अब पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।

बदरीनाथ धाम जैसे देश के प्रमुख तीर्थस्थल में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावा गणना प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईटी का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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