कर्णप्रयाग विवाद की जांच हरिद्वार पुलिस करेगी

दोनों मुकदमों की निष्पक्ष जांच के लिए चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित हुई विवेचना

सिख श्रद्धालुओं के साथ पुलिस व्यवहार के आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई

देहरादून। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद तथा उसके बाद हुई मारपीट की घटना को लेकर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों से जुड़े मुकदमों की विवेचना चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित कर दी गई है।

पुलिस मुख्यालय से जारी जानकारी के अनुसार कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद सिख श्रद्धालुओं के विरुद्ध थाना कर्णप्रयाग में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं घटना में घायल एक सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर उनके साथ कथित मारपीट करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी 20 जून 2026 को थाना कर्णप्रयाग में एफआईआर दर्ज की गई है।

एसएसपी हरिद्वार की निगरानी में होगी जांच

आईजी गढ़वाल रेंज Rajeev Swaroop की संस्तुति पर पुलिस मुख्यालय ने दोनों मामलों की जांच चमोली से हटाकर हरिद्वार जनपद को सौंप दी है। अब इन मामलों की विवेचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Navneet Singh Bhullar के निकट पर्यवेक्षण में संपन्न कराई जाएगी।

पुलिस का मानना है कि जांच को दूसरे जिले में स्थानांतरित किए जाने से निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा दोनों पक्षों को न्याय मिलने में सुविधा होगी।

पुलिस के व्यवहार की भी होगी जांच

घटना के बाद विभिन्न सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के आचरण और व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच की जिम्मेदारी Yashwant Singh को सौंपी है।

डीआईजी यशवंत सिंह को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

धार्मिक भावनाओं का सम्मान हमारी प्राथमिकता : आईजी

आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी तथा न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि Hemkund Sahib यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी एक पवित्र यात्रा है, जिसे उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

आईजी ने कहा कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए है और सभी पक्षों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील कर रहा है।

पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को कर्णप्रयाग विवाद की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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