देहरादून। उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने संगठन विरोधी गतिविधियों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। एनएसयूआई ने चमोली के जिला अध्यक्ष विपिन फर्स्वाण को तत्काल प्रभाव से संगठन से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों से जुड़े पांच विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित किया गया है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, छात्रसंघ चुनाव के दौरान चमोली जिलाध्यक्ष विपिन फर्स्वाण पर संगठन के निर्देशों के विपरीत कार्य करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। संगठन का आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पक्ष में मतदान करवाने का प्रयास किया।
एनएसयूआई प्रदेश नेतृत्व ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। पत्र में कहा गया कि इस तरह का आचरण संगठन की विचारधारा, अनुशासन और पार्टी के निर्देशों के विपरीत है। इसी के चलते विपिन फर्स्वाण को चमोली जिलाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।

पांच विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों पर भी गिरी गाज
एनएसयूआई ने केवल जिलाध्यक्ष के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि छात्रसंघ चुनाव में संगठन के अधिकृत प्रत्याशियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कदम उठाया है।
जारी आदेश के मुताबिक गोपेश्वर के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि ललित सिंह, कर्णप्रयाग के विशाल, जोशीमठ के सुमित सिंह, नारायणबगड़ के गौरव और नंदानगर घाट के अजय सिंह को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान पार्टी और संगठन के निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।
एनएसयूआई के प्रदर्शन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया संतोष
वहीं, छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआई ने प्रदेशभर में बेहतर प्रदर्शन किया है।
गणेश गोदियाल ने डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सरकार और प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के दबाव का इस्तेमाल करते हुए चुनाव परिणाम को प्रभावित किया गया। साथ ही उन्होंने चुनाव में कथित तौर पर वोटों में धांधली किए जाने का आरोप भी लगाया।
छात्रसंघ चुनाव के बाद एनएसयूआई की ओर से की गई इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।