रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध Kedarnath Temple यात्रा मार्ग पर एक दर्दनाक हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ने एक बार फिर यात्रा मार्ग पर शॉर्टकट अपनाने के खतरों को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर केदारनाथ पैदल मार्ग पर पोल संख्या 337 से 340 के बीच दो युवक निर्धारित रास्ता छोड़कर शॉर्टकट से नीचे उतरने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान दोनों का पैर फिसल गया और वे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे।
112 पर सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
दोपहर करीब 1:23 बजे घटना की सूचना 112 के माध्यम से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को मिली। सूचना मिलते ही सेक्टर अधिकारी बड़ी लिनचोली, State Disaster Response Force, पुलिस, वाईएमएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं।
दुर्गम और जोखिम भरे इलाके में एसडीआरएफ जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया और एक घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर एमआरपी छोटी लिनचोली पहुंचाया। प्राथमिक जांच में उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर पाया गया, जिसके बाद उसे कंडी के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड भेजा गया।
एक युवक की गई जान
दूसरे युवक को वाईएमएफ और आपदा मित्रों की टीम ने खाई से निकालकर एमआरपी भीमबली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान प्रियांशु शुक्ला (27 वर्ष) पुत्र नरेंद्र शुक्ला, निवासी फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक की पहचान मोहित (27 वर्ष) पुत्र ओमवीर, निवासी गोकुलपुरी, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है।
शव को गौरीकुंड लाया जा रहा है, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
शॉर्टकट बना मौत का कारण
प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग पर लगातार श्रद्धालुओं को निर्धारित और सुरक्षित रास्तों पर चलने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई यात्री समय बचाने के लिए शॉर्टकट का सहारा लेते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यही छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी है कि केदारनाथ जैसे दुर्गम मार्गों पर नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ रही चुनौतियां
गौरतलब है कि हाल के दिनों में चारधाम यात्रा मार्गों पर कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले Pipalkoti के पास भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डर की चपेट में एक यात्री बस आ गई थी, जिसमें एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे।
वहीं केदारनाथ घाटी में लगातार बदल रहे मौसम और ऊंचाई के कारण भी कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिन्हें मौके पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल चिन्हित और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें, मौसम की जानकारी लेते रहें तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें।