ऑपरेशन प्रहार: दून पुलिस का बड़ा एक्शन, रंगदारी और फायरिंग कांड का आरोपी अवैध तमंचे समेत गिरफ्तार

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस ने रंगदारी और जानलेवा हमले के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी को अवैध तमंचे और कारतूसों के साथ दबोचा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी के इशारे पर पीड़ित परिवार से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और रकम न मिलने पर घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई।

30 लाख की रंगदारी नहीं देने पर घर पर की फायरिंग

मामला 25 मई 2026 का है, जब लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर निवासी सीमा राजपूत ने कोतवाली प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि अर्जुन, दीपिका, विकास बलारा और अमन ने उनके पति संजय कुमार से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपियों ने धमकी देने के साथ उनके घर पर फायरिंग भी की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और लगातार निगरानी के बाद 9 जून को आरोपी अमन को बिधौली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

तमंचा और कारतूस बरामद

पुलिस पूछताछ और आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया .315 बोर का देसी तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यही हथियार फायरिंग की घटना में प्रयोग किया गया था।

जेल में बनी रंगदारी की साजिश

पूछताछ में आरोपी अमन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह पहले भी हत्या, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है। जेल में उसकी मुलाकात सोनीपत निवासी अर्जुन और ईस्ट होप टाउन निवासी संजय राजपूत से हुई थी, जो हत्या के एक मामले में बंद थे।

आरोपी के अनुसार अर्जुन ने उसे बताया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या की थी और इसके बदले संजय राजपूत ने उसे बड़ी रकम देने का वादा किया था। बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया। जेल में रहते हुए अर्जुन ने अपनी जमानत के लिए पैसों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से संजय राजपूत से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगनी शुरू कर दी।

धमकी भरा पत्र फेंककर चलाई गोली

पुलिस जांच में सामने आया कि योजना के तहत 20 मई की तड़के सुबह आरोपी अमन और उसका साथी विकास बलारा संजय राजपूत के घर पहुंचे। विकास ने घर के अंदर धमकी भरा पत्र फेंका, जबकि अमन ने तमंचे से फायरिंग की। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

पुराना अपराधी है गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपी अमन (25 वर्ष) निवासी नालापानी, देहरादून का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या, मादक पदार्थ तस्करी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह पूर्व में हत्या के दो अलग-अलग मामलों में जेल जा चुका है।

तीन आरोपी अब भी फरार

पुलिस ने मामले में तीन अन्य आरोपियों को वांछित घोषित किया है—

  • अर्जुन पुत्र बलवान, निवासी सोनीपत (वर्तमान में जिला कारागार देहरादून में निरुद्ध)

  • विकास बलारा, निवासी सोनीपत

  • दीपिका, निवासी सोनीपत

पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

एसएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

इस कार्रवाई को दून पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों और रंगदारी मांगने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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