बर्फीली वादियों में उमड़ा आस्था का सैलाब: 15 दिनों में 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन

गोपेश्वर/चमोली। विश्व प्रसिद्ध Hemkund Sahib यात्रा इस वर्ष श्रद्धा, आस्था और उत्साह के नए रिकॉर्ड बना रही है। 23 मई से शुरू हुई यात्रा के महज 15 दिनों के भीतर 70 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के बीच स्थित इस पवित्र धाम में पहुंचने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ आध्यात्मिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण स्थल है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कठिन मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।

पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

यात्रा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। गोविंदघाट, घांघरिया और हेमकुंड साहिब में लगातार लंगर सेवा संचालित हो रही है, जिससे यात्रियों को भोजन और विश्राम की सुविधाएं मिल रही हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि बर्फ से आच्छादित पहाड़ों के बीच गुरुद्वारे तक पहुंचना अपने आप में एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है, जो जीवन भर याद रहता है।

यात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं

जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य विभागों द्वारा यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

पार्किंग और शटल सेवा
गोविंदघाट में 150 बसों की पार्किंग क्षमता।
747 कारों के लिए पार्किंग व्यवस्था।
545 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा।
पुलना पड़ाव पर अतिरिक्त 150 दोपहिया वाहनों की व्यवस्था।
गोविंदघाट से पुलना तक 60 स्थानीय वाहनों की शटल सेवा।

यात्रियों की सुविधा के लिए इन वाहनों का संचालन रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जा रहा है।

घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी की भी सुविधा

कठिन पैदल यात्रा को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए घोड़ा-खच्चर, पालकी, डंडी और कंडी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और आवास की व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।

चमोली पुलिस और SDRF बने यात्रियों का सहारा

यात्रा मार्ग पर तैनात पुलिस और एसडीआरएफ के जवान लगातार श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं।

हाल ही में Harpreet Singh की ग्लेशियर क्षेत्र के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, प्राथमिक उपचार दिया और पालकी की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित घांघरिया गुरुद्वारे तक पहुंचाया।

इसी तरह लुधियाना के दो अन्य श्रद्धालु अत्यधिक थकान के कारण रास्ते में आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए। एसडीआरएफ जवानों ने उन्हें सुरक्षित घांघरिया पहुंचाकर मानवीय सेवा का परिचय दिया।

रास्ते में बांटे जा रहे ग्लूकोज पैकेट

ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और कठिन चढ़ाई को देखते हुए Chamoli Police द्वारा श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले ग्लूकोज और ऊर्जा बढ़ाने वाली सामग्री वितरित की जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकान से बचाना है।

गोविंदघाट से पुलना, भ्यूंडार और घांघरिया होते हुए हेमकुंड साहिब तक का पैदल मार्ग चुनौतीपूर्ण माना जाता है, ऐसे में यह पहल यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।

सुरक्षा पर विशेष नजर

यात्रा मार्ग पर पुलिस और एसडीआरएफ की लगातार निगरानी बनी हुई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर रहा है और यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ संसाधनों में भी आवश्यक विस्तार किया जा रहा है।

आस्था, सेवा और सुरक्षा का संगम

बर्फीली चोटियों के बीच स्थित श्री हेमकुंड साहिब में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि कठिन रास्ते और चुनौतीपूर्ण मौसम भी श्रद्धा के आगे छोटे पड़ जाते हैं। प्रशासन, पुलिस और सेवा संगठनों के समन्वित प्रयासों से यात्रा लगातार सुचारु रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालु सुरक्षित एवं संतोषजनक यात्रा अनुभव के साथ लौट रहे हैं।

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