देहरादून/पिथौरागढ़। पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज़ी से हिंसक हो गया है। हालात इतने बिगड़े कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। नेपाल में बढ़ती अराजकता का सीधा असर उत्तराखंड की सीमा से लगे जिलों पर भी पड़ा है। एहतियातन पिथौरागढ़, चंपावत और उधमसिंह नगर जिलों की नेपाल सीमा से लगे इलाकों में पुलिस और एसएसबी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
नेपाल में क्यों भड़का आंदोलन
नेपाल सरकार ने हाल ही में फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। इस फैसले से लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठे। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन समेत कई सरकारी प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात को काबू में करने के लिए नेपाल के कई इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। कंचनपुर और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
इस्तीफा देने पर मजबूर हुए पीएम ओली
बढ़ते विरोध और हिंसा को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को आज (मंगलवार) अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था अस्थिर हो गई है।
उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
नेपाल की स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और एसएसबी को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। पिथौरागढ़ जिले की नेपाल सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है। बनबसा, धारचूला और काली नदी किनारे के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। चंपावत और उधमसिंह नगर जिलों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि नेपाल की घटनाओं को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। साथ ही नागरिकों से भी सतर्क और सजग रहने की अपील की गई है।
स्थानीय इलाकों में सख्त निगरानी
सीमा से लगे गांवों, कस्बों, स्कूलों और बाजारों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। हालांकि अभी तक उत्तराखंड सीमा पर शांति बनी हुई है और किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।