उत्तराखंड: भुनाल गांव में भालू का हमला, दो महिलाएं गंभीर, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया

भालू के हमले से दहला रुद्रप्रयाग: हेलीकॉप्टर से बचाई गईं दो महिलाओं की जान

उत्तराखंड में फिर बढ़ा वन्यजीवों का आतंक, भुनाल गांव में भालू ने महिलाओं को बनाया शिकार

रुद्रप्रयाग। आपदा प्रभावित क्षेत्र भुनाल गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना घटी, जब जंगल में चारा-पत्ती लेने गईं दो महिलाओं पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को स्थानीय टीम और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर के जरिए अगस्त्यमुनि लाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में भर्ती किया गया।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार भुनाल गांव निवासी बुरांसी देवी (पत्नी स्व. मदन सिंह) और शशि देवी (पत्नी कुंवर सिंह) शनिवार की सुबह जंगल में घास-पत्ती लेने गई थीं। अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में दोनों महिलाएं बुरी तरह लहूलुहान हो गईं। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म आए और भारी रक्तस्राव हुआ।

ग्रामीणों ने दी सूचना, प्रशासन हरकत में

गंभीर चोटिल महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह उन्हें भालू से छुड़ाया। ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलते ही बक्सीर की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक उपचार किया।

हेलीकॉप्टर से पहुंचाया गया अगस्त्यमुनि

मेडिकल टीम ने शशि देवी की स्थिति को अत्यधिक गंभीर बताया और दोनों घायलों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद प्रशासन ने हेलीकॉप्टर मंगवाकर दोनों को अगस्त्यमुनि पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग रेफर किया गया।

अस्पताल में चल रहा उपचार

रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में दोनों महिलाओं का इलाज चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया, “दोनों महिलाओं को बक्सीर की मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद हेलीकॉप्टर से अगस्त्यमुनि और फिर जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।”

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से भालू का आतंक है। कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों से उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ी हुई है।

उत्तराखंड में वन्यजीव हमले बड़ी समस्या

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आए दिन भालू, तेंदुआ और अन्य जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं बनती हैं, क्योंकि वे ही चारा-पत्ती, जलावन लकड़ी और मवेशियों को चराने के लिए जंगल जाती हैं।

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