उत्तराखंड: पुलिस अधिकारी को ब्लैकमेल करने वाली महिला ने मांगी इच्छा मृत्यु, 

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस विभाग की एक महिला कर्मी द्वारा एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी पर लगाए गए गंभीर आरोप और फिर राष्ट्रपति को भेजी गई इच्छा मृत्यु की अर्जी ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। मामले की तह में जाने पर जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

महिला कर्मी, जिसका नाम सरोजबाला बताया जा रहा है, पहले पुलिस विभाग में रसोइया (कुक) के पद पर कार्यरत थी। लेकिन मई 2025 में वह ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार की जा चुकी है। हाल ही में राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उसने एक महिला पुलिस अधिकारी पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है।

मामला कैसे शुरू हुआ?

मामले की शुरुआत नवंबर 2024 से मानी जा रही है। 16 नवंबर 2024 को पुलिस अधीक्षक निहारिका सेमवाल के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गईं। अगले दिन यानी 17 नवंबर को उसी नंबर से गाली-गलौज भरे व्हाट्सएप मैसेज भी आए। निहारिका सेमवाल ने उस नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दिया।

कुछ समय बाद, 5 जनवरी 2025 को उनके एक परिचित ने उन्हें एक फेसबुक पोस्ट भेजी, जिसमें सरोजबाला नामक महिला ने आत्महत्या करने की बात लिखी थी और इसके लिए सीधे निहारिका को जिम्मेदार ठहराया था। जब निहारिका ने इस बारे में अपने पति से बातचीत की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।

दोस्ती, फिर दूरी और ब्लैकमेल

निहारिका सेमवाल के पति, जो एक असिस्टेंट पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं, ने बताया कि सरोजबाला से उनकी जान-पहचान जून 2022 से अगस्त 2022 तक रही, लेकिन महिला के व्यवहार में असामान्यता महसूस होने के कारण उन्होंने बातचीत बंद कर दी थी।

इस दौरान महिला ने उनसे करीब 6 लाख रुपये भी लिए थे। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो महिला ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि महिला ने लगातार 70,000 रुपये की डिमांड की थी, और रंगे हाथ पकड़े जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और उसे जेल भेजा गया।

लगातार सोशल मीडिया पर दबाव

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, महिला द्वारा 20 से अधिक ब्लैकमेलिंग कॉल्स की रिकॉर्डिंग, 10 हजार से ज्यादा व्हाट्सएप मैसेज, और सैकड़ों सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई हैं। महिला ने सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणियां भी की थीं, जिनके लिए उस पर दो अलग-अलग केस दर्ज हो चुके हैं।

और भी अधिकारी और शिक्षक शिकार

जांच में सामने आया है कि महिला के तीन अन्य पुलिस अधिकारियों और एक सरकारी शिक्षक से भी संबंध रहे हैं, जिनसे उसने पैसों की डिमांड की और उन्हें ब्लैकमेल किया। शिक्षक से भी महिला द्वारा पैसे ऐंठने की पुष्टि हो चुकी है।

महिला की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में यह भी सामने आया कि वह काम पर गैरहाजिर रहने के बावजूद अटेंडेंस दर्ज कराने का दबाव बना रही थी।

राष्ट्रपति को भेजा गया पत्र और सुर्खियों में आया मामला

इन सबके बीच महिला द्वारा भारत के राष्ट्रपति को भेजा गया इच्छामृत्यु का पत्र मीडिया में आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि पुलिस की अब तक की जांच में महिला के खिलाफ लगातार गंभीर सबूत सामने आए हैं।

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