पौड़ी गढ़वाल। तलसारी गांव निवासी जितेंद्र कुमार की आत्महत्या मामले में शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी हिमांशु चमोली समेत पांचों आरोपियों को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य फिलहाल आरोपियों की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
पहले खारिज हुई थी जमानत याचिका
इससे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल की। गुरुवार को चार आरोपियों की सुनवाई हुई, जबकि शुक्रवार को मुख्य आरोपी हिमांशु चमोली की जमानत याचिका पर बहस चली।
बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रेम बल्लभ पंत और मनीष रंजन रौथाण ने अदालत में कहा कि आरोपियों पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाला कोई ठोस सबूत पुलिस प्रस्तुत नहीं कर सकी। साथ ही एससी-एसटी एक्ट की धारा भी आरोपियों पर लगाई गई थी, लेकिन उसके समर्थन में भी पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए।
अदालत का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामले में अभी तक आरोपियों की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया। आदेश के बाद हिमांशु चमोली, शुभम खंडूड़ी, गौरव कांबोज, विकास शाह और अभिषेक गैरोला जेल से रिहा होंगे।
क्या है पूरा मामला?
21 अगस्त को तलसारी गांव निवासी 32 वर्षीय जितेंद्र सिंह ने अपने वाहन में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था। वीडियो में जितेंद्र ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर हिमांशु चमोली ने उनसे 35 लाख रुपये नकद लिए, लेकिन सौदा तय अनुसार पूरा नहीं किया। पैसे लौटाने की जगह उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी गई, जिससे वे तनाव में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
वीडियो और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हिमांशु चमोली समेत शुभम खंडूड़ी, गौरव कांबोज, विकास शाह और अभिषेक गैरोला को आरोपी बनाया। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू हुई।
आगे क्या?
करीब एक माह तक चली कानूनी कार्यवाही के बाद अब अदालत से पांचों आरोपियों को जमानत मिलने से मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। अब इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई और पुलिस की विवेचना की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।