अलीगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस को अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या की मुख्य आरोपी और 50 हजार की इनामी पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी पूजा शकुन पांडे को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के 15 दिन बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।
अलीगढ़ के खैर कस्बे में टीवीएस बाइक शोरूम संचालक अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव और महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडे उर्फ अन्नपूर्णा भारती निकलीं।
राजस्थान में मिली गिरफ्तारी, पति और शूटर पहले ही गिरफ्तार
अलीगढ़ पुलिस ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान में सघन तलाशी अभियान चलाया और आखिरकार पूजा को राजस्थान से दबोच लिया। इससे पहले उसके पति अशोक पांडे और दोनों शूटर फजल और आसिफ को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने पूजा के भाई और कुछ सहयोगियों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया है।
पुरानी पहचान बनी जानलेवा
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार, पूजा शकुन पांडे और अभिषेक गुप्ता एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। दोनों परिवारों की पुरानी पहचान थी — पूजा के पिता शिक्षक थे और अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता से उनका पारिवारिक संबंध रहा है। जब पूजा अंबाला में पढ़ती थीं, तभी दोनों परिवारों का संपर्क हुआ और वहीं से दोनों के बीच परिचय बढ़ता गया, जो समय के साथ गहरा होता चला गया।
गणित की प्रोफेसर से महामंडलेश्वर तक का सफर
पूजा शकुन पांडे पढ़ाई में शुरू से मेधावी रही हैं। गणित में एम.फिल. करने के बाद उन्होंने गाजियाबाद के एक कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात मैनपुरी निवासी अशोक पांडे से हुई और दोनों ने लव मैरिज की। करीब एक दशक पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गईं। साल 2016 में वे अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़ीं, और 2021 में निरंजनी अखाड़ा ने उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी थी।
हत्या की वजह — संबंधों में दरार और बिजनेस विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, पूजा शकुन और अभिषेक गुप्ता के बीच करीबी संबंध थे, जो बाद में तनावपूर्ण हो गए। अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूजा अभिषेक पर अपने साथ रहने का दबाव बना रही थी और उसके टीवीएस शोरूम में हिस्सेदारी की मांग भी की थी। जब अभिषेक ने दूरी बनानी शुरू की और पूजा का संपर्क तोड़ दिया, तो इसी नाराजगी में हत्या की साजिश रची गई।
वारदात का विवरण
26 सितंबर की शाम अभिषेक अपने पिता और चचेरे भाई के साथ दुकान बंद कर हाथरस स्थित घर लौटने के लिए बस में चढ़ रहे थे, तभी बाइक सवार दो हमलावरों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
अलीगढ़ पुलिस अब पूजा शकुन पांडे से हत्या की साजिश और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सवालों पर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत संबंधों और व्यापारिक विवाद दोनों पहलू सामने आ रहे हैं। पूजा को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।