नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन नगर नैनीताल में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कालाढूंगी रोड स्थित सरिताताल झील के पास एक कार अनियंत्रित होकर सीधे झील में जा गिरी। कार में चार पर्यटक सवार थे, जो डूबने से बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यूपी-21-सीसी-1213 नंबर की कार में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी आलम और बुलंदशहर निवासी उमेर अपनी दो महिला मित्रों के साथ नैनीताल घूमने आए थे। सोमवार शाम सभी पर्यटक नैनीताल से मुरादाबाद की ओर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार कालाढूंगी रोड पर स्थित सरिताताल क्षेत्र में पहुंची, अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार सड़क से फिसलकर नीचे की ओर गई और सीधे सरिताताल झील में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार के झील में गिरते ही आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय निवासी अभय बवाड़ी ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद कार में सवार कुछ लोग स्वयं बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि दो अन्य लोगों को स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते राहत मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया और चारों पर्यटकों की जान बच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक सभी पर्यटक सुरक्षित बाहर निकल चुके थे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और झील में गिरी कार को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मंगोली चौकी प्रभारी राधिका भंडारी ने बताया कि दुर्घटना में किसी भी पर्यटक के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस की निगरानी में वाहन को झील से बाहर निकालने की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। संकरी और घुमावदार सड़कों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय लोगों की त्वरित मदद ने चार लोगों की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और देर तक हादसे की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पर्यटन सीजन के दौरान संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय और मजबूत करने की मांग भी की है।