केदारनाथ हेली टिकट ठगी का पर्दाफाश: 2 लाख की चपत, उड़ीसा-बिहार के 4 शातिर गिरफ्तार
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ हेली सेवा टिकट दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। गुजरात के यात्री से करीब 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी उड़ीसा और एक आरोपी बिहार का रहने वाला है। मास्टरमाइंड आकर्षण गुप्ता तकनीकी प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर पीड़ितों को फंसाता था और ठगी की रकम तुरंत अलग-अलग खातों में बांट दी जाती थी।
कैसे हुआ ठगी का खेल?
गुजरात के सूरत निवासी सूर्यप्रकाश मिश्रा ने 7 जुलाई को थाना गुप्तकाशी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट ब्राउज़िंग के दौरान उन्हें एक फर्जी हेली कंपनी की वेबसाइट मिली। वेबसाइट पर दिए गए नंबर से संपर्क करने पर उन्हें 32 टिकट बुकिंग का सौदा कराया गया। आरोपियों ने बैंक अकाउंट नंबर साझा कर मिश्रा से ₹1,91,812 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
भुगतान के बाद न टिकट मिली, न फोन उठाया गया। इसके बाद मिश्रा को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी।
तकनीकी जांच से पकड़े गए आरोपी
एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच और बैंक खातों की ट्रैकिंग कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तारी में बरामद हुआ –
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18 बैंक खाते
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कई मोबाइल फोन
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धोखाधड़ी से जुड़े अहम दस्तावेज
आरोपियों को ओडिशा के मयूरगंज और बिहार के नवादा से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
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आकर्षण गुप्ता (18 वर्ष) – मास्टरमाइंड, बिहार निवासी
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अनंत कुमार सिंह (25 वर्ष) – ओडिशा
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सौभाग्य शेखर महतो (26 वर्ष) – ओडिशा
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दौलागोबिंदा बाघा – ओडिशा
व्हाट्सएप-टेलीग्राम से चलती थी ठगी की स्क्रिप्ट
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मास्टरमाइंड आकर्षण गुप्ता ने ही पूरे खेल की रूपरेखा बनाई थी। वह व्हाट्सएप कॉल और टेलीग्राम चैट के जरिए संपर्क करता ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके।
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ठगी के पैसे अनंत कुमार के नाम पर बने खाते में मंगाए जाते।
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रकम आते ही एटीएम से तुरंत कैश निकाल लिया जाता।
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फिर रकम का बंटवारा कर दिया जाता –
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अनंत को ₹10,000
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सौभाग्य को ₹15,000
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दौलागोबिंदा को ₹15,000
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बाकी रकम आकर्षण खुद रखता।
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