देहरादून/हरिद्वार। सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय मंगलौर, जनपद हरिद्वार में तैनात लिपिक विनोद कुमार को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने गुरुवार, 4 जुलाई 2025 को 2,100 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर संपत्ति की जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून को एक पत्र देकर अवगत कराया था कि उसके भाई ने अपनी बुआ से एक प्लॉट खरीदा था, जिसके दाखिला-खारिज के एवज में लिपिक विनोद कुमार रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था।
शिकायत की सत्यता की जांच के पश्चात सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लिपिक विनोद कुमार को 2,100 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय कुरुड़ी, मंगलौर में की गई।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी के निवास और अन्य संदिग्ध ठिकानों की तलाशी शुरू कर दी है और उसके द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेसन ने इस सफल कार्रवाई के लिए ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
सतर्कता अधिष्ठान ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग करता है या आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है, तो उसकी जानकारी टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर निर्भीक होकर दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।