बदरीनाथ के तप्त कुंड में 108 डुबकी पड़ी भारी, दो बुजुर्ग महिला तीर्थ यात्रियों की मौत

तप्त कुंड में स्नान के दौरान अचानक बेहोश होकर गिरीं दोनों महिलाएं, अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत; राजस्थान से बदरीनाथ धाम दर्शन के लिए आया था तीर्थ यात्रियों का दल

चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। बदरीनाथ धाम स्थित तप्त कुंड में स्नान करने के दौरान राजस्थान से आईं दो बुजुर्ग महिला तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं धार्मिक परंपरा के तहत तप्त कुंड में 108 बार डुबकी लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और दोनों बेहोश होकर कुंड के अंदर गिर पड़ीं।

घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों महिलाओं को कुंड से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

राजस्थान से बदरीनाथ धाम पहुंचा था तीर्थ यात्रियों का दल

जानकारी के अनुसार राजस्थान से तीर्थ यात्रियों का एक दल 4 सितंबर को बदरीनाथ धाम पहुंचा था। शुक्रवार सुबह करीब चार महिलाएं और एक पुरुष तप्त कुंड में स्नान करने के लिए पहुंचे थे। स्नान के दौरान पुरुष मंदिर की ओर चला गया, जबकि चारों महिलाएं तप्त कुंड में डुबकी लगाने लगीं।

बताया जा रहा है कि महिलाएं धार्मिक आस्था और परंपरा के तहत 108 बार डुबकी लगा रही थीं। इसी दौरान दो बुजुर्ग महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों बेहोश होकर कुंड के अंदर गिर पड़ीं। घटना का पता चलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और अन्य लोगों ने तत्काल मदद शुरू की और दोनों महिलाओं को कुंड से बाहर निकाला।

घटना के बाद बदरीनाथ धाम में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने तत्काल पुलिस और मंदिर प्रशासन को सूचना दी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ गई हालत

पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे की है। दोनों महिलाओं को कुंड से बाहर निकालने के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक महिलाओं की पहचान 63 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी मदन और 71 वर्षीय रामू देवी पत्नी अमर के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान की रहने वाली थीं और बदरीनाथ धाम में भगवान बदरीनाथ के दर्शन एवं धार्मिक यात्रा के लिए पहुंची थीं।

दोनों महिलाओं की मौत की खबर से उनके साथ आए तीर्थ यात्रियों में भी शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने का किया अनुरोध

बदरीनाथ थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि मृतक महिलाओं के परिजनों की ओर से पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं कराने का अनुरोध किया गया है। परिजन दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाना चाहते हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से आवश्यक अनुमति और कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

पुलिस की ओर से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे क्या कारण रहा, इसे लेकर जांच की जा रही है।

तप्त कुंड में स्नान का धार्मिक महत्व

बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तप्त कुंड का विशेष धार्मिक महत्व है। बदरीनाथ मंदिर के दर्शन से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान करते हैं। कुंड के गर्म पानी में स्नान को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और तीर्थ यात्री आस्था के साथ यहां डुबकी लगाते हैं।

इसी धार्मिक आस्था के चलते कई श्रद्धालु निर्धारित संख्या में डुबकी लगाने की परंपरा का पालन करते हैं। हालांकि, शुक्रवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर तीर्थ स्थलों पर बुजुर्ग और कमजोर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे के बाद यात्रियों में मची खलबली

तप्त कुंड में दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत की घटना के बाद बदरीनाथ धाम में कुछ समय के लिए खलबली मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार दोनों महिलाओं को तत्काल कुंड से बाहर निकालने का प्रयास किया गया और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।

इस घटना के बाद तीर्थ यात्रियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बुजुर्ग यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील

बदरीनाथ धाम में बड़ी संख्या में बुजुर्ग श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तप्त कुंड में स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। लंबे समय तक गर्म पानी में रहना या लगातार कई बार डुबकी लगाना बुजुर्ग और अस्वस्थ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

पुलिस और प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे स्नान के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखें। किसी भी तरह की परेशानी, चक्कर, कमजोरी या सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर तत्काल स्नान रोक दें और आसपास मौजूद लोगों या प्रशासन को इसकी जानकारी दें।

विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों को अकेले स्नान करने के बजाय अपने साथ आए परिजनों या साथियों की मौजूदगी में स्नान करने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा भी जरूरी

बदरीनाथ धाम में तप्त कुंड में स्नान श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन शुक्रवार की घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय स्वास्थ्य और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

दोनों महिलाओं की मौत के बाद पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, परिजनों की इच्छा के अनुसार शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बदरीनाथ धाम में हुई इस दर्दनाक घटना ने तीर्थ यात्रा पर आने वाले विशेषकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सावधानी और सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

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