देहरादून। राजधानी देहरादून में रविवार को बादल फटने और भारी बारिश ने कहर बरपाया। सहस्रधारा और आसपास के गांवों में भूस्खलन और मलबे की चपेट में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जबकि विकासनगर क्षेत्र में 3 लोगों की मौत हो गई है। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।
सहस्रधारा में तबाही कार्लीगाढ़ और मज्याड़ गांव में पहाड़ दरकने से 5 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। लगातार हो रही बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई घर बह गए हैं और सड़कें व पुल टूटने से यातायात बाधित है।
विकासनगर में मौतें विकासनगर क्षेत्र में अचानक आसन नदी का जलस्तर बढ़ गया और 12 लोग इसकी चपेट में आ गए। इनमें से 3 लोगों की मौत हो गई, 5 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 4 अब भी लापता हैं। SDRF की टीम उन्हें खोजने में लगी हुई है।
सड़कें-पुल बह गए, मंदिर डूबे अतिवृष्टि ने देहरादून का जनजीवन ठप कर दिया है। ऋषिकेश–टिहरी हाईवे फाकोट के पास बह गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया। टौंस नदी पर बना पुल टूट जाने से पछवादून क्षेत्र का संपर्क कट गया। प्रेमनगर के पास पुल का हिस्सा ढहने से विकासनगर हाईवे बंद है।
प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर जलप्रलय की चपेट में आ गया, मंदिर के बाहर लगी शिव मूर्ति बह गई। वैष्णो देवी गुफा मंदिर से जुड़ा 1962 में बना गोरखा रेजिमेंट का पुल भी ढह गया। KV वीरपुर और आर्मी क्षेत्र का संपर्क टूट गया है।
केंद्र और राज्य सरकार अलर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम से बात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए देहरादून जिले के सभी सरकारी व गैरसरकारी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।