मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और वनाग्नि की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।
पूरे प्रदेश में लागू होगा “शीतलखेत मॉडल”
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए “शीतलखेत मॉडल” को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया विकसित करने, आग रोकथाम के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और फील्ड में तैनात कार्मिकों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि स्थानीय समुदाय भी वन संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभा सके।
फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने वन विभाग में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम समितियों और वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट सिस्टम विकसित कर वनाग्नि की सूचना तत्काल संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी बल दिया।
पेयजल संकट नहीं होने देंगे: मुख्यमंत्री
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत तत्काल कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने तीर्थाटन और पर्यटन स्थलों सहित मैदानी क्षेत्रों में भी निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार
मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को पहले से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने आपदा संभावित क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और राहत संसाधनों को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया।
अस्पतालों में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का पूरा डेटा सुरक्षित रखा जाए और मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
चारधाम यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से अनफिट पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों समेत वन, स्वास्थ्य, पेयजल और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।