नई दिल्ली में सजी राजनीतिक और वैचारिक गरिमा की शाम, CM धामी ने किया ‘अपनापन’ पुस्तक का स्वागत

नई दिल्ली में मंगलवार को एक विशेष साहित्यिक एवं राजनीतिक आयोजन के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan की नई पुस्तक ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। यह समारोह देश की राजनीति, सुशासन और नेतृत्व पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया, जिसमें कई राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

कार्यक्रम नई दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जहां भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu और पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda की विशेष उपस्थिति रही। समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, समाजसेवी, लेखक, पत्रकार और अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व पर आधारित है पुस्तक

‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ पुस्तक में शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने लंबे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के अनुभवों को साझा किया है। पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली, संवेदनशीलता, संगठन क्षमता और राष्ट्र निर्माण के विजन को अनेक घटनाओं और संस्मरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

बताया गया कि पुस्तक केवल राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि जनसेवा, सुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रहित के मूल्यों को समझने का एक प्रेरक दस्तावेज भी है। इसमें कई ऐसे प्रसंग शामिल हैं जो प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व के मानवीय और प्रेरणादायी पक्ष को सामने लाते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुस्तक के प्रकाशन पर शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक समाज, युवाओं और जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं, और ऐसे अनुभवों का दस्तावेजीकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने सरल भाषा और आत्मीय शैली में अपने अनुभवों को प्रस्तुत किया है, जिससे पाठकों को नेतृत्व और जनसेवा के अनेक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

राजनीतिक और साहित्यिक जगत का मिला संगम

कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने पुस्तक को समकालीन भारतीय राजनीति और नेतृत्व शैली को समझने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे एक ऐसी पुस्तक बताया, जो राजनीति से जुड़े लोगों के साथ-साथ सामान्य पाठकों को भी प्रेरित करेगी।

नई दिल्ली में आयोजित यह आयोजन राजनीतिक विमर्श, साहित्य और जननेतृत्व के संगम के रूप में देखा गया, जहां देश के शीर्ष नेताओं ने एक मंच पर उपस्थित होकर लोकतांत्रिक मूल्यों, सेवा और नेतृत्व की भावना को रेखांकित किया।

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