चमोली। उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। मलबा घरों में घुसने और खेतों में फैलने से ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। दहशत के चलते कई परिवारों ने अपने घर छोड़कर विद्यालय और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण ली है।
हालांकि, फिलहाल घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पहाड़ी से लगातार गिर रहा मलबा-बोल्डर
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी काफी कमजोर हो गई है। इसके चलते पहाड़ी का हिस्सा बार-बार दरक रहा है और मलबे के साथ बड़े-बड़े बोल्डर गांव की ओर आ रहे हैं।
भूस्खलन के कारण कई मकानों में मलबा घुस गया। गांव के मंदिर की भोग मंडी और सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है। पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा और पत्थर गिरने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री और स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।
दो परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि किमाना गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा नीचे आने के साथ पानी का बहाव भी गांव में पहुंचा है। फसलों को भी नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि भूस्खलन और जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से दो परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नंदप्रयाग-नंदानगर और पोखरी-गोपेश्वर मार्ग बंद
लगातार बारिश का असर चमोली के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। नंदप्रयाग-नंदानगर मोटर मार्ग मंगरोली के पास भारी बोल्डर गिरने से अवरुद्ध हो गया। इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
वहीं, पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग विशाल तिराहे से पहले भारी भूस्खलन के कारण बंद है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मशीनें मौके पर भेजीं, अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
सड़क मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर भेजी गई हैं। प्रशासन किमाना गांव समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सामान्य होने तक भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास जाने से भी बचने को कहा गया है।