सरकारी वकीलों की फीस बढ़ेगी, कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का नया पद; रोपवे परियोजना और हरिद्वार ESI अस्पताल के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में ऊर्जा, कारागार प्रशासन, न्याय, विधिक माप विज्ञान, चिकित्सा शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, खेल, पर्यटन और श्रम से जुड़े कुल 10 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न के लिए बड़ी राहत शामिल है। उनका मासिक स्टाइपेंड 17 हजार रुपये से बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार रुपये किए जाने को मंजूरी दी गई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने के लिए विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित किए जाएंगे। सरकारी अधिवक्ताओं की फीस की दरों का भी पुनर्निधारण किया जाएगा। वहीं देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना से जुड़े भूमि प्रकरण और हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पताल निर्माण के लिए 15 एकड़ भूमि आवंटित करने का फैसला भी लिया गया।
1. विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से जुड़े पहले निर्णय में मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा के पटल पर रखे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के तहत आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विधानमंडल के समक्ष रखना निर्धारित है। इसी प्रावधान के अनुपालन में यह रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखी जाएगी।
इससे आयोग के कार्यों और वर्ष 2024-25 के दौरान उसकी गतिविधियों से संबंधित रिपोर्ट विधायिका के समक्ष आएगी।
2. विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा विवरण भी सदन में आएगा
ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से संबंधित दूसरे निर्णय में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा के पटल पर रखे जाने की मंजूरी दी गई।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104(4) के तहत आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखना निर्धारित है। इसी प्रावधान के तहत कैबिनेट ने वार्षिक लेखा विवरण सदन में प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी है।
3. कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का नया पद
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति दी है।
उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की संरचना में गृह विभाग के कारागार विभाग के अंतर्गत सुधारात्मक विंग के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार का एक नवसृजित पद संवर्गीय ढांचे में शामिल किया जाएगा।
इसी उद्देश्य से वर्तमान सेवा नियमावली में संशोधन प्रस्तावित किया गया था। विभागीय और कर्मचारी हित को देखते हुए कैबिनेट ने नियमावली के प्रख्यापन प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की।
4. सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ेगी
न्यायिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में आबद्ध सरकारी अधिवक्ताओं को दिए जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निधारण को मंजूरी दी है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल, सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध सरकारी अधिवक्ताओं को भुगतान किए जाने वाले शुल्क की दरों में पुनर्निधारण किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा गया था, जिसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।
5. विधिक माप विज्ञान नियमावली में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दे दी।
यह फैसला केंद्र सरकार के Ease of Doing Business Compliance Reduction और Trust Based Regulatory Framework के तहत चलाए जा रहे Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम से जुड़ा है।
केंद्र सरकार द्वारा उपबंधों में किए गए संशोधन को 1 मई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसके तहत विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 23 में संशोधन किया गया है।
Deregulation Priority Area (PA-8) के अंतर्गत Weights & Measures के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान किया गया है। इसी के अनुरूप उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में संशोधन किया जाएगा।
कैबिनेट ने संशोधित नियमावली के प्रख्यापन को मंजूरी दे दी है।
6. MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़कर ₹25 हजार
कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण फैसला राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण लेने वाले एमबीबीएस इंटर्न से जुड़ा है।
उत्तराखंड में वर्तमान में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इनमें श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा शामिल हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के साथ पीजी पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार का उद्देश्य दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसी दिशा में चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।
वर्तमान में एमबीबीएस इंटर्न को 17 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
कैबिनेट ने इसे बढ़