देहरादून: चुनावी मोड में कांग्रेस, राहुल गांधी ने भरी नई ऊर्जा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने बन्नू स्कूल ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया।
राहुल गांधी विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वह मसूरी रोड स्थित एक होटल पहुंचे, जहां प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई।
2027 चुनाव की रणनीति पर चर्चा
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा सिंह के अनुसार बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, आगामी चुनावी अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रमों और राज्य के प्रमुख जन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। पार्टी का उद्देश्य युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मजबूत राजनीतिक अभियान चलाना है।
बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश संगठन की स्थिति, जिला स्तर की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। राहुल गांधी ने नेताओं से कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और संगठन को सक्रिय रखने पर जोर दिया।
‘छात्रों की गूंज’ में युवाओं से सीधा संवाद
शाम पांच बजे राहुल गांधी देहरादून के रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंचे, जहां आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं से संवाद किया।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। पौड़ी, हरिद्वार, टिहरी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और अन्य जिलों से आए युवाओं ने रोजगार, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए।
पूर्व छात्र आस्कर रावत ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठाते रहे हैं, इसलिए बड़ी संख्या में छात्र उनसे संवाद करने पहुंचे हैं।
सोशल मीडिया पर भी किया आह्वान
कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए युवाओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जाएगी और उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
राजनीतिक मायने भी अहम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल छात्रों से संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। पार्टी बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पेपर लीक और शिक्षा जैसे मुद्दों को 2027 विधानसभा चुनाव में प्रमुख एजेंडा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
इस दौरे ने प्रदेश कांग्रेस संगठन में नई सक्रियता जरूर दिखाई है। अब देखने वाली बात होगी कि यह उत्साह आने वाले महीनों में संगठनात्मक मजबूती और चुनावी लाभ में कितना बदल पाता है।