बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: स्कूल बस चालकों और परिचालकों को दिया गया विशेष सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण

आरटीओ देहरादून और आईडीटीआर की पहल, 46 प्रतिभागियों ने सीखे सुरक्षित परिवहन के गुर

डिफेंसिव ड्राइविंग, फर्स्ट एड और स्कूल बस मानकों पर मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण

देहरादून। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग उत्तराखंड के सौजन्य तथा आरटीओ देहरादून (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) की पहल पर बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर), देहरादून में स्कूल बस चालकों एवं परिचालकों के लिए विशेष सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कुल 46 चालक एवं परिचालकों ने प्रतिभाग कर सुरक्षित स्कूल परिवहन व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सेंट पैट्रिक एकेडमी और सोशल बलूनी स्कूल के चालक एवं परिचालक शामिल हुए। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना तथा स्कूल वाहन संचालन से जुड़े कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।

बच्चों की सुरक्षा पर रहा विशेष फोकस

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें रोड साइन, रोड मार्किंग, डिफेंसिव ड्राइविंग, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), एमएसएम-पीएसएल तकनीक, स्कूल बस संचालन के निर्धारित मानक, बच्चों को सुरक्षित तरीके से वाहन में चढ़ाने और उतारने की प्रक्रिया, वाहन फिटनेस, गति नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया जैसे विषय शामिल रहे।

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने व्यवहारिक उदाहरणों और अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को सुरक्षित ड्राइविंग की बारीकियां समझाईं, ताकि वे अपने दैनिक कार्य में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।

“स्कूल बस चालक बच्चों की सुरक्षा के संरक्षक”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि स्कूल बस चालक और परिचालक केवल वाहन संचालन का कार्य नहीं करते, बल्कि वे बच्चों की सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षक भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल वाहन में भेजते हैं, इसलिए प्रत्येक चालक और परिचालक का दायित्व है कि वह वाहन संचालन से जुड़े सभी नियमों और सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन करे। उन्होंने कहा कि स्कूल परिवहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा से सीधा जुड़ा विषय है, इसलिए अनुशासन, सतर्कता और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।

संयुक्त परिवहन आयुक्त ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह

कार्यक्रम में उपस्थित संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि स्कूल बस चालक और परिचालक समाज के सबसे जिम्मेदार नागरिकों में शामिल हैं क्योंकि उनके हाथों में बच्चों की सुरक्षित यात्रा की जिम्मेदारी होती है। सुरक्षित ड्राइविंग, धैर्य और जिम्मेदारी से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आईडीटीआर ने दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन आईडीटीआर देहरादून द्वारा किया गया। संस्थान लंबे समय से सड़क सुरक्षा, चालक दक्षता विकास और सुरक्षित वाहन संचालन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता रहा है।

आईडीटीआर के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों, वाहन नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया, यातायात नियमों तथा जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार के बारे में व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।

क्विज प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह

प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए सड़क सुरक्षा विषयक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

पुरस्कार प्राप्त करने वालों में रिजवान (सेंट पैट्रिक एकेडमी), काजल (सोशल बलूनी स्कूल), अली खान (सेंट पैट्रिक एकेडमी), सुमन (सोशल बलूनी स्कूल) और राजेंद्र (शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) शामिल रहे।

सभी प्रतिभागियों को मिले प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी 46 प्रतिभागियों को परिवहन विभाग एवं आईडीटीआर की ओर से प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें विशेष टी-शर्ट भी भेंट की गई।

नियमित प्रशिक्षण से मजबूत होगी स्कूल परिवहन व्यवस्था

आईडीटीआर के उप निदेशक रोहित गुप्ता ने परिवहन विभाग और सहभागी संस्थानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने सभी चालक एवं परिचालकों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को अपने दैनिक कार्य में अपनाएं, क्योंकि स्कूल बस संचालन में छोटी सी सावधानी भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

परिवहन विभाग ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्कूल वाहनों से जुड़े चालक एवं परिचालक अधिक जागरूक, प्रशिक्षित और जिम्मेदार बन सकें तथा विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *