कैंची धाम स्थापना दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम, कड़ी सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच हुए दर्शन
नैनीताल। विश्वविख्यात बाबा नीब करौरी महाराज के पावन धाम कैंची आश्रम में स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार रात से ही श्रद्धालुओं का कैंची धाम पहुंचना शुरू हो गया था। रविवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के बाद सुबह छह बजे से प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने अनुशासित ढंग से कतारों में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण किया और बाबा के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
दो किलोमीटर तक लगी श्रद्धालुओं की कतार
कैंची धाम मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भवाली की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं और खैरना-अल्मोड़ा मार्ग से पहुंचने वाले भक्तों की अलग-अलग लाइनें बनाई गई थीं। दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर के भीतर रुकने की अनुमति नहीं दी गई। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराकर बाहर निकाला गया, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।
प्रशासन और पुलिस की रही विशेष तैयारी
कैंची धाम मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। विभिन्न स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवा, सुरक्षा जांच और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टी.सी. मंजूनाथ ने बताया कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही। पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीमें लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटी रहीं। उन्होंने बताया कि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
दो घंटे में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पुलिस प्रशासन के अनुसार सुबह के शुरुआती दो घंटों में ही 15 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही, लेकिन व्यवस्थाओं के कारण कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी।
एसएसपी मंजूनाथ ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 250 बसें और लगभग 500 छोटे वाहन शटल सेवा में लगाए गए हैं, जिससे पार्किंग स्थलों से मंदिर तक आवागमन सुगम बनाया जा सके।
नेपाल और विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु
कैंची धाम की ख्याति अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही है। नेपाल सहित कई देशों से श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे। नेपाल से आए श्रद्धालु मनोज ने बताया कि उनकी बाबा के प्रति गहरी आस्था है और वे पहले भी यहां आ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का आध्यात्मिक प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है और यहां आकर अद्भुत शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने सभी लोगों से जीवन में एक बार कैंची धाम आने का आग्रह किया।
हर वर्ष बेहतर हो रही व्यवस्थाएं
कैंची धाम मंदिर ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा ने बताया कि हर वर्ष मिलने वाले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण, प्रसाद वितरण, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार श्रद्धालुओं की सटीक संख्या जानने के लिए विशेष हेड-टू-हेड काउंटिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिससे स्थापना दिवस पर आने वाले भक्तों का सही आंकड़ा प्राप्त किया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि काठगोदाम, भवाली, भीमताल और सैनिटोरियम क्षेत्र में बड़े स्तर पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से शटल बसों के माध्यम से कैंची धाम पहुंचाया जा रहा है। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आस्था, अनुशासन और सेवा का बना उदाहरण
कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद जिस प्रकार प्रशासन, पुलिस, ट्रस्ट और स्वयंसेवकों ने मिलकर व्यवस्थाओं को संभाला, वह एक सफल आयोजन का उदाहरण बन गया। बाबा नीब करौरी महाराज के जयकारों और भक्ति के माहौल के बीच पूरा कैंची धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में मत्था टेककर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।