चमोली। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बदरीनाथ धाम से हरिद्वार लौट रही श्रद्धालुओं से भरी एक बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। बस में सवार यात्रियों की जान उस समय संकट में पड़ गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और आईटीबीपी जवानों की तत्परता ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
जानकारी के अनुसार यह घटना चमोली जिले के बिनाकुली गांव के पास हुई। बस में झारखंड के श्रद्धालु सवार थे, जो पवित्र Badrinath Dham के दर्शन कर वापस हरिद्वार लौट रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
चालक ने दिखाई अद्भुत सूझबूझ
बस के ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने घबराने के बजाय समझदारी से काम लिया। उसने बस को ढलान की ओर जाने देने के बजाय सड़क किनारे खड़ी चढ़ाई की दिशा में मोड़ दिया। चढ़ाई पर पहुंचते ही बस की रफ्तार कम हुई और कुछ दूरी पर जाकर बस रुक गई।
यदि चालक समय रहते यह निर्णय नहीं लेता तो बस गहरी खाई में गिर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
आईटीबीपी ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही Indo-Tibetan Border Police की 23वीं वाहिनी के जवान मौके पर पहुंचे। जवानों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
यात्रियों ने ली राहत की सांस
बस सुरक्षित रुकने और सभी यात्रियों के सकुशल बाहर निकलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई श्रद्धालुओं ने चालक और आईटीबीपी जवानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और साहस के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई।
कुछ दिन पहले भी हुआ था ऐसा हादसा
गौरतलब है कि 7 जून को भी चारधाम यात्रा मार्ग पर इसी तरह की घटना सामने आई थी। Totaghati के पास ऋषिकेश-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चारधाम यात्रियों से भरी एक बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसके बाद बस सड़क पर पलट गई थी। उस दुर्घटना में 39 यात्री सवार थे और चार लोगों को मामूली चोटें आई थीं।
चारधाम यात्रा में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
चारधाम यात्रा के दौरान हजारों वाहन पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में वाहनों की तकनीकी जांच, ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच और सुरक्षित ड्राइविंग बेहद जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा मार्ग पर वाहन संचालन से पहले फिटनेस की कड़ी जांच ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।