घरेलू LPG सिलेंडर पर 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर अब 942 रुपये में मिलेगा। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित होने की संभावना है।
नई दिल्ली। आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें रविवार 7 जून से पूरे देश में लागू हो गई हैं। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे लाखों परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक ऊर्जा लागत में वृद्धि और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में नई LPG कीमतें
शहर
नई कीमत
दिल्ली
₹942
मुंबई
₹941.50
कोलकाता
₹968
चेन्नई
₹957.50
लखनऊ
₹979.50
हैदराबाद
₹994
बेंगलुरु
₹915.50
जयपुर
₹945.50
चंडीगढ़
₹951.50
नोएडा
₹939.50
पटना
₹1031.50
मध्यम वर्ग पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई परिवार हर महीने एक घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करता है, तो उसे इस बढ़ोतरी के कारण सालभर में लगभग 348 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे समय में जब खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें पहले से ही ऊंची बनी हुई हैं, गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की रसोई का बजट और प्रभावित होगा।
लगातार दूसरी बार बढ़े दाम
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार हुई वृद्धि ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। कई परिवारों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब रसोई गैस महंगी होने से घरेलू बजट को संभालना और कठिन हो जाएगा।
ईंधन की कीमतों का भी असर
हाल के दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी वृद्धि होती है। ऐसे में एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने से महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और अधिक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल घरेलू गैस की नई कीमतें लागू होने के बाद आम लोगों की निगाहें सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।