हरिद्वार में कानून हाथ में लेने का मामला, वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच में जुटी
हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। नगर कोतवाली क्षेत्र में चोरी के शक में एक युवक को रस्सियों से बांधकर बेरहमी से पीटने का मामला प्रकाश में आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक के हाथ-पैर रस्सियों से बांधकर उसकी लाठियों और डंडों से पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। युवक असहाय अवस्था में जमीन पर पड़ा नजर आता है, जबकि आसपास खड़े कई लोग पूरी घटना को देखते रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने भी युवक को बचाने या बीच-बचाव करने का प्रयास नहीं किया। कई लोग घटना का वीडियो बनाते और तमाशबीन बने दिखाई दे रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक पर एक वाहन का शीशा तोड़कर उसमें रखे लगभग 50 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया गया था। बताया जा रहा है कि घटना के बाद कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया। हालांकि उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय स्वयं ही सजा देने का फैसला कर लिया गया। आरोप है कि लोगों ने युवक को रस्सियों से बांध दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होने लगी। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने कानून को हाथ में लेने की इस प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। कई लोगों का कहना है कि यदि युवक पर चोरी का संदेह था तो उसे तत्काल पुलिस के सुपुर्द किया जाना चाहिए था। किसी भी व्यक्ति को अपराधी मानकर सार्वजनिक रूप से दंडित करने का अधिकार किसी नागरिक को नहीं है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगना और उसका दोषी सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं। न्याय व्यवस्था में किसी भी आरोपी को अपना पक्ष रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में किसी को बंधक बनाकर मारपीट करना स्वयं एक गंभीर आपराधिक कृत्य है।
वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है।
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस और न्यायालय का दायित्व है, न कि आम नागरिकों का।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी हुई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।