Rishikesh में हरियाणा से आए पर्यटकों के साथ हुई मारपीट की घटना अब सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद बन चुकी है। इस मामले ने अब उत्तराखंड बनाम हरियाणा की बहस का रूप ले लिया है। घटना के बाद चर्चित यूट्यूबर Harsh Chhikara ने वीडियो जारी कर स्थानीय लोगों और भीड़ की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा मामला?
21 मई को ऋषिकेश के काले की ढाल इलाके में हरियाणा से आए कुछ युवकों और एक महिला के बीच कथित विवाद हो गया था। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और युवकों की पिटाई शुरू कर दी गई। आरोप है कि युवकों की कार में भी तोड़फोड़ की गई और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया। शुरुआती जानकारी में युवकों पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था, लेकिन बाद में इसको लेकर अलग-अलग दावे सामने आने लगे।
Harsh Chhikara का वीडियो वायरल
घटना के बाद Harsh Chhikara ने वीडियो जारी कर कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा से आने वाले पर्यटकों का बड़ा योगदान है। वीडियो में उन्होंने कहा—
“हरिद्वार और ऋषिकेश को हरियाणा का आदमी चलाता है। इनके चूल्हे हम चलाते हैं। अगर हरियाणा के लोग एक साल तक यहां आना बंद कर दें तो इन्हें पता चल जाएगा।”
यूट्यूबर ने यह भी दावा किया कि हरियाणा के लोग भले ही तेज आवाज में बात करें या दिखावा करें, लेकिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत नहीं करते।
“छेड़छाड़ हुई ही नहीं” वाले बयान पर नया विवाद
वीडियो में हर्ष छिकारा ने यह भी कहा कि जिस लड़की को लेकर विवाद हुआ, उसकी मां ने बाद में बयान दिया कि बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गलतफहमी के आधार पर भीड़ ने युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी।
उनके मुताबिक, युवकों की नई कार को भी नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने दावा किया कि हरिद्वार और ऋषिकेश में हरियाणा के पर्यटकों के साथ इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक थापा और नरेश कश्यप के रूप में हुई है, जो काले की ढाल क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
यह मामला अब सोशल मीडिया पर दो राज्यों के लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है। एक वर्ग पर्यटकों के साथ हुई हिंसा की निंदा कर रहा है, जबकि कुछ लोग स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में लेना सही नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी तो पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी, न कि भीड़ द्वारा हिंसा की जानी चाहिए थी।
पर्यटन और उत्तराखंड की छवि पर असर?
Haridwar और Rishikesh देश के सबसे बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में गिने जाते हैं। हर साल यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या हरियाणा, दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पर्यटन उद्योग और राज्यों के बीच सामाजिक संबंधों पर असर डाल सकती हैं। खासकर ऐसे समय में जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन चरम पर है, राज्य की छवि को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कानून व्यवस्था और जिम्मेदारी दोनों पर सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर भीड़ हिंसा, सोशल मीडिया ट्रायल और पर्यटकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया पर दिए जा रहे भड़काऊ बयान माहौल को और खराब कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन लोगों से अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट से बचने की अपील कर रहा है।