देहरादून में मध्य कमान का भव्य अलंकरण समारोह, वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए 26 पदक; सैन्य परंपरा और अनुशासन की झलक

देहरादून: क्लेमेंटटाउन स्थित सैन्य परिसर में मंगलवार को भारतीय सेना की मध्य कमान का अलंकरण समारोह 2026 गरिमामय सैन्य परंपराओं के बीच आयोजित किया गया। समारोह में शौर्य, उत्कृष्ट सेवा और पेशेवर दक्षता के लिए अधिकारियों, जवानों और विभिन्न यूनिटों को सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में सैन्य अनुशासन, गौरव और परंपरा का विशेष संगम देखने को मिला।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने किया सम्मानित

समारोह की अध्यक्षता मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ अनिंद्य सेनगुप्ता ने की। उन्होंने परिचालन और प्रशासनिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सैन्य कर्मियों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

26 वीरता और विशिष्ट सेवा पदक प्रदान

इस वर्ष कुल 26 पदक प्रदान किए गए, जिनमें शामिल हैं—

  • 3 युद्ध सेवा मेडल

  • 13 सेना मेडल (वीरता)

  • 4 सेना मेडल (विशिष्ट सेवा)

  • 6 विशिष्ट सेवा मेडल

इसके अलावा 28 यूनिटों को उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जीओसी-इन-सी मध्य कमान यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

19 सूर्य ट्रॉफियां भी दी गईं

समारोह के दौरान 19 सूर्य ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं। ये ट्रॉफियां सेवारत और पूर्व सैनिकों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ और हरित पहलों में सराहनीय योगदान के लिए दी गईं। इन पहलों का उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और सैन्य प्रतिष्ठानों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

शहीदों को दी श्रद्धांजलि

अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सेना की वास्तविक ताकत उसके हथियारों में नहीं, बल्कि जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण में निहित है। साथ ही उन्होंने वीर नारियों और सैनिकों के परिवारों के धैर्य और त्याग की सराहना की।

बदलती चुनौतियों के बीच आधुनिक दृष्टिकोण पर जोर

उन्होंने मध्य कमान के सभी रैंकों और नागरिक कर्मचारियों की परिचालन तत्परता, सुदृढ़ प्रशिक्षण व्यवस्था और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच निरंतर अभ्यास और आधुनिक सोच बेहद आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि सेना का हर सदस्य राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित है। यह समारोह न केवल उत्कृष्ट सेवा का सम्मान था, बल्कि भारतीय सेना की प्रतिबद्धता, समन्वय और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प का भी प्रतीक बना।

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