उत्तराखंड में आज (23 जनवरी 2025) नगर निकाय चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। प्रदेश भर के 100 निकायों में मतदान के लिए आज सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक वोटिंग जारी रही। कुल 30 लाख से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सामने आए। इन वोटरों का फैसला प्रदेश के 5405 प्रत्याशियों के भविष्य को निर्धारित करेगा।
चुनाव में कुल कितने निकायों पर चुनाव हुआ? प्रदेश के 100 नगर निकायों में चुनाव हुए हैं। इनमें 11 नगर निगम, 43 नगर पालिकाएं और 46 नगर पंचायतें शामिल हैं। चुनावी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 16,284 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया था। इसके साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 25,800 पुलिसकर्मियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया था।
किसे किस पद के लिए मिला मौका?
नगर निगमों में मेयर पद के लिए: कुल 72 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए: 445 प्रत्याशी मैदान में हैं।
वार्ड सदस्य/पार्षद पद के लिए: 5405 प्रत्याशी चुनावी दौड़ में शामिल हैं, जो नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों से हैं।
चुनाव की तैयारियां और सुरक्षा: मतदान को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे प्रदेश में व्यापक चुनावी तैयारियां की थीं। 100 निकायों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई थी। प्रदेशभर में सुरक्षा के लिए 25,800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा, मतदान केंद्रों पर कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
चुनाव की समीकरण: उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव के परिणामों से यह तय होगा कि राज्य में किस पार्टी की पकड़ ज्यादा मजबूत है। राज्य में बीजेपी, कांग्रेस, और कुछ क्षेत्रीय पार्टियां चुनावी मैदान में हैं। खासकर नगर निगमों में मेयर के पद के लिए मुकाबला काफी रोचक और कांटे की टक्कर का रहा। वहीं, छोटे नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में पार्टी के उम्मीदवारों के साथ स्थानीय स्तर पर भी कई निर्दलीय प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इस चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहा, हालांकि, कई स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशी भी जोरदार चुनौती पेश कर रहे थे।
क्या उम्मीद की जा रही है? इस चुनाव के परिणाम से यह साफ हो जाएगा कि उत्तराखंड में किस पार्टी की स्थिति मजबूत है, और किसका भविष्य आगामी विधानसभा चुनावों में उज्जवल नजर आता है। 25 जनवरी 2025 को चुनाव परिणाम घोषित होंगे, तब प्रदेश भर में यह साफ हो जाएगा कि किस पार्टी ने कितने नगर निकायों में जीत हासिल की है और किसकी दावेदारी सत्ता के लिए मजबूत हुई है।
: आज संपन्न हुआ यह नगर निकाय चुनाव उत्तराखंड के स्थानीय राजनीति के लिए काफी अहम है। इसके परिणाम आने के बाद प्रदेश के राजनैतिक समीकरण में बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जनवरी को चुनाव परिणाम से साफ होगा कि प्रदेश की जनता किस पार्टी और उम्मीदवारों को अपनी नुमाइंदगी देने के लिए तैयार है।