हल्द्वानी/नैनीताल: डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखंड ने हल्द्वानी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में नैनीताल और ऊधमसिंहनगर जनपदों की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों समेत राजपत्रित अधिकारी और क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान एडीजी ने अपराधों की स्थिति, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और लंबित मामलों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
महिला अपराध पर विशेष फोकस एडीजी ने निर्देश दिए कि महिला संबंधित अपराधों की जांच को प्राथमिकता देते हुए 60 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
नशा तस्करी पर बड़ा एक्शन NDPS Act के तहत मामलों में सिर्फ छोटे तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय बड़े नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया गया। बड़े तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदगी मामलों में अभियान चलाने के आदेश विशेष रूप से नाबालिगों की गुमशुदगी को गंभीरता से लेते हुए 100% बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग और सोशल मीडिया के अधिकतम उपयोग पर बल दिया गया।
शिकायतों के निस्तारण में तेजी थानों में आने वाली शिकायतों और प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा:
थानों का नियमित निरीक्षण
लंबित माल का भौतिक सत्यापन
डिजिटल पोर्टलों पर डेटा फीडिंग में तेजी
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्रभावी समाधान
जैसे बिंदुओं पर भी सख्ती बरतने को कहा गया।
तकनीक के इस्तेमाल पर जोर एडीजी ने कहा कि अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का अधिकतम उपयोग करना होगा। इससे जांच की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक में नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. और ऊधमसिंहनगर के एसएसपी अजय गणपति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि उत्तराखंड पुलिस अब अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रही है। खासतौर पर महिला सुरक्षा, नशा तस्करी और गुमशुदगी जैसे संवेदनशील मामलों में तेजी और जवाबदेही तय करने पर जोर रहेगा।