उत्तराखंड पंचायत चुनाव को मिली हरी झंडी: हाईकोर्ट ने हटाई रोक, सरकार जल्द घोषित करेगी नई तिथियां

नैनीताल/देहरादून। उत्तराखंड में लंबे समय से अटके त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पंचायत चुनावों पर लगी अंतरिम रोक को हटा दिया है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद राज्य में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार अब जल्द ही चुनाव की नई तिथियों की घोषणा करने जा रही है।

किस मामले में लगी थी रोक?

इससे पहले कुछ याचिकाओं में पंचायत चुनावों के परिसीमन, आरक्षण निर्धारण और अधिसूचना से जुड़ी तकनीकी खामियों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन और अनुसूचित जातियों, जनजातियों व महिलाओं के लिए आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इन आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए अस्थायी रूप से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

कोर्ट का स्पष्ट फैसला

हालांकि अब हाईकोर्ट ने अपने ताज़ा फैसले में सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए राज्य सरकार को चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार ने आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया विधिसम्मत ढंग से पूरी कर ली है, तो चुनाव में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

चुनाव की नई तिथियों पर जल्द फैसला

राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायत विभाग अब नई तारीखों के निर्धारण में जुट गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि नामांकन प्रक्रिया में जो तीन दिन की देरी हुई थी, उसे देखते हुए सरकार तीन अतिरिक्त दिन दे सकती है ताकि उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके।

सरकार की तैयारी तेज

राज्य सरकार ने कोर्ट के फैसले के बाद तुरंत अपनी तैयारी तेज कर दी है। पंचायतीराज निदेशालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब जल्द ही नई अधिसूचना जारी की जाएगी और नामांकन, मतदान और मतगणना की तिथियां सार्वजनिक की जाएंगी।

राजनीतिक हलचल तेज

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों की तैयारियों में जुट गए हैं। गांवों और पंचायतों में चुनावी चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।

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