एसएसजेयू का पहला दीक्षांत समारोह: 20 हजार विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 15 मेधावियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित

अल्मोड़ा। कुमाऊं अंचल के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण उस समय देखने को मिला जब सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJU), अल्मोड़ा का प्रथम दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर हजारों विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्रियां प्रदान की गईं।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में शिक्षा जगत, प्रशासनिक क्षेत्र और सामाजिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की। समारोह विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए गर्व और उत्साह का अवसर बन गया।

20 हजार विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जनपदों के महाविद्यालयों एवं परिसरों से जुड़े लगभग 20 हजार विद्यार्थियों को स्नातक एवं परास्नातक उपाधियां प्रदान की गईं।

वर्ष 2020 से 2023 के बीच अपनी शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से डिग्रियों से अलंकृत किया गया। लंबे समय से इस ऐतिहासिक अवसर की प्रतीक्षा कर रहे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।

15 मेधावी विद्यार्थियों को मिला पदक

शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समारोह में विशेष सम्मान दिया गया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विभिन्न संकायों के 15 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं सम्मान प्रदान किए।

स्नातक, स्नातकोत्तर तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रतिभा और परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।

48 शोधार्थियों को प्रदान की गई पीएचडी उपाधि

दीक्षांत समारोह में शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 48 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक और शोध क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।

राज्यपाल ने दिया प्रेरणादायी संदेश

अपने संबोधन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना भी है।

उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत के भविष्य का निर्माता है और उसे अपने ज्ञान, कौशल तथा नवाचार क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देने का भी आह्वान किया।

शोध और नवाचार पर विशेष जोर

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में संचालित नवाचार एवं अनुसंधान गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शोध और तकनीकी नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नए अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की।

कुलपति ने प्रस्तुत की विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने समारोह में संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार शोध, नवाचार, डिजिटल शिक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की दिशा में कार्य कर रहा है।

उन्होंने विश्वविद्यालय की विस्तार योजनाओं, नए पाठ्यक्रमों और शोध परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।

विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक बना, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा में भी एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ।

समारोह में विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान उपलब्धि, उत्साह और गौरव का वातावरण देखने को मिला, जिसने विद्यार्थियों को अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए प्रेरित किया।

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