उत्तराखंड में H1N1 का बढ़ा खतरा, अगस्त में 31 मरीज मिले; देहरादून में सबसे ज्यादा मामले, सभी जिलों में अलर्ट

22 दिनों में स्वाइन फ्लू के 31 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, अस्पतालों को टेस्टिंग किट से लेकर वेंटिलेटर तक तैयार रखने के निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में इंफ्लुएंजा H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त 2026 में अब तक प्रदेश में 31 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक मामले देहरादून से सामने आने की जानकारी है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी है और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित मरीजों की आवश्यक जांच सुनिश्चित कराने के साथ ही उपचार को लेकर SOP तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

अगस्त में 31 मरीजों में H1N1 की पुष्टि

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगस्त महीने में अब तक प्रदेश में 31 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें ज्यादातर मरीज देहरादून के बताए जा रहे हैं।

मामलों में वृद्धि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को अस्पतालों में मरीजों की जांच, उपचार और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जिलों के सीएमओ को अलर्ट रहने के निर्देश

राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज के अनुसार सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को जिला स्तर पर अस्पतालों की व्यवस्थाएं मजबूत रखने को कहा गया है।

सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ मेडिकल कॉलेजों को भी स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी आवश्यक जांच कराने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारी के उपचार और प्रबंधन के लिए SOP तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है।

चार से ज्यादा मामले मिलने पर पहुंचेगी रैपिड रिस्पांस टीम

स्वाइन फ्लू के मामलों पर एकीकृत रोग निगरानी परियोजना (IDSP) लगातार नजर रख रही है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में Rapid Response Teams (RRT) को सक्रिय कर दिया गया है।

किसी क्षेत्र में यदि चार से अधिक मामले सामने आते हैं तो रैपिड रिस्पांस टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन और स्क्रीनिंग करेगी।

एक Rapid Response Team में कुल चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे। इसमें एक फिजिशियन, एक विशेषज्ञ और दो अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहेंगे।

अस्पतालों में टेस्टिंग किट और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के बाद चिकित्सा संस्थानों को जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में:

  • इंफ्लुएंजा टेस्टिंग किट

  • PPE किट

  • मास्क

  • VTM वॉयल

  • ओसेल्टामिविर दवा

  • वेंटिलेटर

उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों को अपनी तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है। एडवाइजरी में व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सामान्य वायरल जैसे दिख सकते हैं H1N1 के शुरुआती लक्षण

विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य वायरल या मौसमी फ्लू जैसे ही दिखाई देते हैं। यही वजह है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

H1N1 संक्रमण में संभावित रूप से ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • अचानक तेज बुखार

  • ठंड लगना

  • खांसी

  • नाक बहना

  • सांस लेने में परेशानी

  • मांसपेशियों में दर्द

  • उल्टी

  • अत्यधिक थकान

हालांकि इनमें से कई लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 की पुष्टि नहीं की जा सकती। संक्रमण की आशंका होने पर डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच कराना जरूरी है।

वायरस में Mutation से बदल सकता है स्वरूप

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विजय भंडारी के अनुसार वायरस में आनुवंशिक बदलाव यानी Mutation के कारण समय-समय पर उसके स्वरूप में परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि अलग-अलग जीन में बदलाव होने पर वायरस के नए रूप सामने आ सकते हैं। ऐसे में संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि H1N1 से निपटने के लिए प्रदेश की सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार इंफ्लुएंजा H1N1 वायरस से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।

देहरादून में अधिक मामले, स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर

अगस्त में अब तक 31 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। खासतौर पर देहरादून में अधिक मामले सामने आने के कारण विभाग की स्थिति पर विशेष नजर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि संभावित मरीजों की समय पर पहचान हो और संक्रमण की स्थिति में उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति में बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक थकान या फ्लू जैसे अन्य लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें।

ऐसे लक्षण लगातार बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भी निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

उत्तराखंड में अगस्त के दौरान सामने आए 31 H1N1 मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी अब और तेज हो गई है। सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों की सक्रियता और अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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