गांधी पार्क को मिलेगा नया स्वरूप, राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग की योजना भी तेज
देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते वाहनों और पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शामिल परेड ग्राउंड और सचिवालय परिसर में अत्याधुनिक अंडरग्राउंड पार्किंग विकसित करने की योजना को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गांधी पार्क के सौंदर्यीकरण और राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग निर्माण की दिशा में भी तेजी से काम शुरू करने की तैयारी है।
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग परियोजनाओं की योजना केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाले वाहनों और यातायात दबाव को देखते हुए तैयार की जाए।
परेड ग्राउंड के नीचे बनेगी आधुनिक अंडरग्राउंड पार्किंग
बैठक में परेड ग्राउंड के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग निर्माण के बावजूद परेड ग्राउंड और गांधी पार्क की खुली हरित पहचान बनी रहनी चाहिए। इसके लिए ऊपर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं किया जाएगा और पूरे क्षेत्र को बड़े सार्वजनिक ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य एक ओर पार्किंग क्षमता बढ़ाना है तो दूसरी ओर शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक खुला स्थान भी उपलब्ध कराना है।
डबल बेसमेंट पार्किंग पर जोर
पार्किंग क्षमता को अधिकतम करने के लिए अधिकारियों को डबल बेसमेंट पार्किंग के विकल्प पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पार्किंग में पर्याप्त एंट्री और एग्जिट गेट बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सके।
सचिवालय परिसर में भी बढ़ेगी पार्किंग क्षमता
मुख्य सचिव ने सचिवालय परिसर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजधानी में लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए सचिवालय में पर्याप्त पार्किंग सुविधा विकसित करना आवश्यक है, जिससे कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
राजपुर रोड पर बनेगी एलिवेटेड पार्किंग
बैठक के दौरान अधिकारियों को राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग का विस्तृत डिजाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यदि यह परियोजना साकार होती है तो शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
समग्र शहरी विकास योजना के तहत होगा काम
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन सभी परियोजनाओं को अलग-अलग योजनाओं के बजाय एकीकृत शहरी विकास परियोजना के रूप में तैयार किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के सुझाव लेकर अंतिम कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और प्रभावी समाधान विकसित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देहरादून में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, यातायात दबाव कम होगा और शहर का शहरी ढांचा अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक बन सकेगा।