देहरादून। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे उत्तराखंड परिवहन निगम ने अब घाटे से उबरने और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निगम जल्द ही राज्य के दुर्गम और संकरे मार्गों पर 50 नई मिनी बसों का संचालन शुरू करेगा। इसके साथ ही चारधाम यात्रा से मिली अच्छी आय और केंद्र सरकार से मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के सहारे निगम अपने बेड़े और सेवाओं का व्यापक विस्तार करने की तैयारी में है।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विभागीय समीक्षा बैठक में बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अब तक निगम की बसों से लगभग 8 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है, जिससे निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बसों का किराया प्रतिस्पर्धी बनाए जाने के बाद यात्रियों का रुझान निगम की सेवाओं की ओर बढ़ा है, जिसका सकारात्मक असर राजस्व पर भी दिखाई दे रहा है।
परिवहन विभाग का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े वाहनों के संचालन में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए मिनी बसें अधिक प्रभावी साबित होंगी। इन बसों के शुरू होने से दूरस्थ गांवों और छोटे कस्बों के लोगों को सुरक्षित, सस्ती और नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
बैठक में प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से जल्द ही उत्तराखंड को 140 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना है। इन बसों के शामिल होने से प्रदूषण कम करने के साथ-साथ आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकट बुकिंग व्यवस्था को भी अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी रोडवेज बसों की टिकट बुक कराई जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से सिटी बस सेवा शुरू करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही पुराने और अनुपयोगी वाहनों को हटाने, नए कर्मचारियों की भर्ती, बसों के नियमित रखरखाव, बस अड्डों के आधुनिकीकरण, यात्रियों के लिए पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने तथा परिवहन निगम के तकनीकी आधुनिकीकरण जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई।
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि राज्य के लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उनका कहना था कि परिवहन निगम को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सरकार का लक्ष्य है।