धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी को मंजूरी, होमस्टे और ऊर्जा परियोजनाओं में भी राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में ग्रामीण विकास, चिकित्सा शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन, खेल और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने के फैसले को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।

वर्क फ्रॉम होम

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नो व्हीकल डे

मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी एवं निजी भवनों में एसी AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

एक अधिकारी, एक वाहन

परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईवी पॉलिसी

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर ईवी होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी

सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “विजिट माय स्टेट” अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में डेस्टीनेशन वेडिंग को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

“मेरा भारत, मेरा योगदान”

“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “मेड इन स्टेट” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “मेक इन इंडिया” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

खाद्य तेल की खपत घटाना

आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लो ऑइल मेन्यू अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

किसानों को नेचुरल फार्मिंग, जीरो बजट फार्मिंग और बायो इनपुट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

पीएनजी कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफ टॉप को बढ़ावा दिया जाएगा।

गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया। खनन, सोलर और पावर प्रोजेक्ट की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

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