सोशल मीडिया पर ‘मेजर’ बनकर लड़कियों को करता था इम्प्रेस, AI से बनाई फर्जी तस्वीरें; हल्द्वानी में गिरफ्तार
मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर SOG का एक्शन, सेना की वर्दी और फर्जी आर्मी आईडी का किया इस्तेमाल; दो मोबाइल समेत कई सामान बरामद
हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट और फॉलोअर्स बढ़ाने के साथ युवतियों को प्रभावित करने के लिए खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताना एक युवक को भारी पड़ गया। हल्द्वानी में नैनीताल पुलिस की एसओजी ने सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाले युवक का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि युवक ने इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सेना की वर्दी वाली तस्वीरें तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
मामले का खुलासा मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद हुआ। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से दो स्मार्टफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेना के अधिकारी की वर्दी वाली तस्वीरें और वीडियो तथा फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी आईडी कार्ड बरामद किया है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना
नैनीताल पुलिस के मुताबिक 1 सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने एसओजी को सूचना दी कि रोहित सिंह मेहता नाम का एक युवक सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर सेना की वर्दी में तस्वीरें और फर्जी पहचान पत्र प्रदर्शित कर रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने युवक के सोशल मीडिया अकाउंट और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में भारतीय सेना में उसके अधिकारी होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नैनीताल के एसएसपी ने एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सौन और उनकी टीम को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
मोबाइल लोकेशन से पहुंची पुलिस
पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच करते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस की। जांच में पता चला कि आरोपी हल्द्वानी में बिरला ओपस पेंट के गोदाम में काम करता है।
लोकेशन की पुष्टि होने के बाद एसओजी टीम ने वहां पहुंचकर युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान युवक ने पुलिस को बताया कि उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया से भारतीय सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें हासिल की थीं।
इसके बाद उसने AI और अन्य डिजिटल माध्यमों की मदद से मॉर्फ्ड तस्वीरें तैयार कीं। इन तस्वीरों में खुद को सेना की वर्दी में अधिकारी के रूप में दिखाया और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया।
फॉलोअर्स बढ़ाने और युवतियों को प्रभावित करने की कोशिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर अपनी फॉलोइंग बढ़ाना और युवतियों को प्रभावित करना था।
आरोप है कि वह फर्जी सेना अधिकारी की पहचान और सेना की वर्दी वाली तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच अपनी अलग छवि बनाने की कोशिश करता था। इसी पहचान के जरिए वह महिलाओं और युवतियों को आकर्षित करने का प्रयास भी करता था।
एसएसपी के मुताबिक आरोपी फर्जी फोटो और वीडियो के माध्यम से महिलाओं को लुभाता था।
दो मोबाइल और फर्जी आर्मी आईडी बरामद
एसओजी ने आरोपी के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें—
दो स्मार्ट मोबाइल फोन
आधार कार्ड
पैन कार्ड
सेना के अधिकारी की वर्दी वाली फोटो
सेना की वर्दी से संबंधित वीडियो
फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी आईडी कार्ड
शामिल हैं।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल सामग्री की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया और कितने लोगों से इस फर्जी पहचान के जरिए संपर्क किया था।
सेना की पहचान का दुरुपयोग गंभीर मामला
भारतीय सेना की पहचान, वर्दी और अधिकारी के पद का फर्जी इस्तेमाल पुलिस के लिए गंभीर मामला माना जाता है। खासकर सोशल मीडिया के दौर में फर्जी सैन्य पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करना सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील हो सकता है।
मामले में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र कैसे तैयार किया और सेना से संबंधित तस्वीरों व सामग्री का इस्तेमाल किस स्तर तक किया।
BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारी का प्रतिरूपण करने, फर्जी पहचान प्रदर्शित करने और धोखाधड़ी के आरोप में हल्द्वानी कोतवाली में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने बताया कि मिलिट्री इंटेलिजेंस से जनपद पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति फर्जी आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर पैरा कमांडो की फोटो अपलोड कर रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी फर्जी फोटो और वीडियो के माध्यम से महिलाओं को लुभाता था। मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान को लेकर पुलिस सतर्क
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ निगरानी और सख्ती का संकेत दिया है। पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों की तकनीकी जांच के साथ-साथ मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं पर भी कार्रवाई कर रही है।
हल्द्वानी का यह मामला यह भी बताता है कि सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट, फॉलोअर्स और लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश में कुछ लोग किस हद तक फर्जी पहचान का सहारा ले सकते हैं। सेना जैसे संवेदनशील संस्थान की वर्दी और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करना न केवल कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है।