उत्तराखंड से बड़ी खबर: एवलांच की चपेट में आए पर्वतारोही, 10 जवान लापता !, सर्च एंड रेस्क्यू टीम रवाना

उत्तराखंड से बड़ी खबर: एवलांच की चपेट में आए पर्वतारोही, 10 जवान लापता!, सर्च एंड रेस्क्यू टीम रवाना

उत्तरकाशी: माउंट त्रिशूल के आरोहण के दौरान एवलांच आने से नौसेना के पर्वतारोही दल के पांच जवान और एक पोर्टर इसकी चपेट में आ गए। नेहरू पर्वतरोहण संस्थान (निम) से रेस्क्यू टीम प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में त्रिशूल चोटी के लिए रवाना हो गई है। इस संबंध में कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि यह सूचना नेवी की एडवेंचर विंग से आज सुबह करीब 11 बजे मिली है।

कर्नल अमित बिष्ट
कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि नौसेना के पर्वतारोहियों का 20 सदस्यीय दल करीब 15 दिन पहले 7,120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी के आरोहण के लिए गया था। शुक्रवार सुबह दल चोटी के समिट के लिए आगे बढ़ा। इसी दौरान हिमस्खलन हुआ है। जिसकी चपेट में नौसेना के पांच जवान पर्वतारोही और एक पोर्टर आ गए।

सर्च एंड रेस्क्यू टीम रवाना
सूचना के बाद उत्तरकाशी से हेलीकाप्‍टर के जरिये निम की सर्च एंड रेस्क्यू टीम रवाना हुई। नेहरू पर्वतरोहण संस्थान (निम) के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया यह घटना शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे हुई है। जिसमें नौसेना का पर्वतारोही दल हिमस्खलन की चपेट में आ गए। यह सभी अभी मिसिंग चल रहे हैं।

बागेश्वर जनपद में स्थित है त्रिशूल
त्रिशूल चोटी (7,120 मीटर) चमोली जनपद की सीमा पर स्थिति कुमांऊ के बागेश्वर जनपद में स्थित है। इस चोटी के आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट के लिए पर्वतारोही टीमें जाती हैं। वायु सेना के पर्वतारोहियों की टीम भी घाट होते हुए त्रिशूल के लिए गई थी। तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं।

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