जार्ज एवरेस्ट भूमि घोटाले की सीबीआई जांच की माँग, वैरागी कैम्प पर भी उठाए सवाल
देहरादून, उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (अ.प्रा.) गुरमीत सिंह से मुलाकात कर मसूरी स्थित जार्ज एवरेस्ट की भूमि और हरिद्वार के वैरागी कैम्प की भूमि से जुड़े गंभीर अनियमितताओं पर गहरी आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की।
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य की बहुमूल्य पर्यटन संपत्तियों को औने-पौने दामों पर निजी कम्पनी को सौंप दिया है।
लगभग 30 हजार करोड़ रुपए मूल्य की 172 एकड़ भूमि मात्र 1 करोड़ रुपए वार्षिक किराए पर आचार्य बालकृष्ण की कम्पनी को दे दी गई।
टेंडर प्रक्रिया में अंतिम समय पर नियम बदलकर कम्पनी को अनुचित लाभ पहुँचाया गया।
स्थानीय निवासियों के 200 साल पुराने रास्ते बंद कर दिए गए, जिससे आवागमन और पर्यटन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
कम्पनी द्वारा पर्यटकों से मनमानी वसूली की जा रही है।
बिना अनुमति हेलिकॉप्टर संचालन भी जारी है।
अब सरकार हरिद्वार स्थित वैरागी कैम्प की भूमि भी इसी कम्पनी को सौंपने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस की माँगें
जार्ज एवरेस्ट की भूमि कम्पनी को देने का आदेश तत्काल निरस्त किया जाए।
मामले की सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए।
हरिद्वार स्थित वैरागी कैम्प की टेंडर प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए।
आपदा प्रबंधन पर सवाल
कांग्रेस ने हालिया आपदा में सरकार की नाकामी को भी राज्यपाल के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि:
देहरादून सहित प्रभावित क्षेत्रों में तीन दिन से न बिजली है, न पानी।
राहत व पुनर्वास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सरकार की कोई तैयारी नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने किया। इसमें उपाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, महामंत्री गोदावरी थापली, पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, महामंत्री महेंद्र नेगी और किसान कामगार अध्यक्ष सुशील राठी शामिल रहे।