देहरादून। ज्योति रौतेला समेत पांच लोगों के खिलाफ देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने नर्सिंग एकता मंच की मांगों को लेकर परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी दी और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न की। यह मुकदमा उत्तराखंड पुलिस द्वारा कोतवाली डालनवाला में दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार 11 मई को महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और नर्सिंग बेरोजगार संगठन के कुछ सदस्य अपनी मांगों को लेकर परेड ग्राउंड स्थित पेयजल विभाग की प्रतिबंधित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। प्रदर्शनकारियों ने टंकी के ऊपर से लगातार अपनी मांगें मनवाने का दबाव बनाया। वहीं नीचे बड़ी संख्या में समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 12 मई को ज्योति रौतेला ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी दी। बताया गया कि उन्होंने माचिस निकाल ली थी, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोका। इसी दौरान नर्सिंग एकता मंच और अन्य संगठनों के सदस्यों ने मुख्य सड़क पर जाम लगाकर यातायात बाधित किया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने बाद में प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद 13 मई को ज्योति रौतेला अपने चार अन्य साथियों के साथ पानी की टंकी से नीचे उतर आईं।
प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सड़क जाम कर यातायात बाधित करने, सरकारी कार्यों में अवरोध पैदा करने, लोक सेवक के आदेशों की अवज्ञा करने, ज्वलनशील पदार्थ के जरिए आत्मदाह की धमकी देने और लोक शांति भंग करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद अस्पताल से प्रतिक्रिया देते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि उनके भविष्य का सवाल जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्रवाई करनी है तो उनके खिलाफ की जाए और वह कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
इसके बाद ज्योति रौतेला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि नर्सिंग कर्मचारियों की 160 दिनों से चल रही लड़ाई की जीत की अभी सिर्फ शुरुआत हुई है।