“हर-हर महादेव” के जयघोषों के बीच रवाना हुई भगवान मद्महेश्वर की डोली, ऊखीमठ से शुरू हुई पावन यात्रा

रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ स्थित पवित्र श्री ओंकारेश्वर मंदिर से आज भगवान श्री मद्महेश्वर की उत्सव डोली विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक परंपराओं के साथ अपने धाम के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया और “हर-हर महादेव” तथा “जय श्री मद्महेश्वर” के जयघोषों से वातावरण गूंज उठा।

डोली यात्रा के शुभारंभ से पूर्व श्री ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। स्थानीय ग्रामीणों, तीर्थयात्रियों और भक्तों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और डोली यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की।

पारंपरिक ढोल-दमाऊं, रणसिंघा और लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के बीच भगवान मद्महेश्वर की डोली अपने प्रथम पड़ाव के लिए रवाना हुई। डोली यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

डोली यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। भक्तों का मानना है कि भगवान मद्महेश्वर की कृपा से क्षेत्र में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। यात्रा के दौरान भक्तों की भारी भागीदारी उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करती दिखाई दी।

भगवान मद्महेश्वर पंचकेदारों में द्वितीय केदार के रूप में पूजित हैं और उनकी यह पारंपरिक डोली यात्रा सदियों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होकर भगवान के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

माना जाता है कि हिमालय की दिव्य वादियों के बीच होने वाली यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html