मुख्यमंत्री आवास में विकसित होगा अनूठा 3-बी गार्डन, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री आवास में बनेगा ‘3-बी गार्डन’, मधुमक्खियों, तितलियों और पक्षियों के संरक्षण को मिलेगी नई दिशा

सीएम धामी ने कृष्णा वट का पौधा लगाकर किया शुभारम्भ, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर दिया जोर

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे विशेष ‘3-बी गार्डन’ (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया। यह अभिनव पहल मधुमक्खियों, तितलियों और पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। 3-बी गार्डन जैसी पहलें न केवल प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगी, बल्कि आमजन को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने का कार्य करेंगी।

उद्यान विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे इस विशेष गार्डन में ऐसे पौधों का चयन किया गया है जो मधुमक्खियों, तितलियों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों को आकर्षित करने के साथ-साथ उनके लिए प्राकृतिक आवास और भोजन का स्रोत बन सकें। उद्यान में परागण प्रक्रिया को बढ़ावा देने वाले पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक जैविक चक्र को मजबूती मिलेगी।

परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि उद्यान और उसके आसपास के क्षेत्र में कीटनाशकों तथा अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा। इससे मधुमक्खियों, तितलियों और पक्षियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित होगा तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खियां कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परागण की प्रक्रिया में उनका योगदान कृषि और बागवानी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होता है। ऐसे में 3-बी गार्डन का विकास मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ किसानों और बागवानों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को इस प्रकार के विशेष उद्यान के विकास के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद उपयुक्त प्रजातियों के चयन और रोपण की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। वर्तमान में उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी और पुदीना सहित अनेक प्रकार के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास परिसर में स्थित पुराने और जीर्ण-शीर्ण वृक्षों के समीप नए पौधों का रोपण भी शुरू किया गया है ताकि भविष्य में हरित आवरण को और सशक्त बनाया जा सके। उद्यान विभाग द्वारा पिछले वर्ष से उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता और पया प्रजाति के पौधों का भी रोपण किया जा रहा है। ये पौधे वर्तमान में स्वस्थ रूप से विकसित हो रहे हैं और परिसर की प्राकृतिक सुंदरता में विशेष वृद्धि कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने परिसर में संचालित पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन संबंधी गतिविधियों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।

कार्यक्रम के दौरान सचिव शैलेश बगौली, उद्यान निदेशक डॉ. आर.के. सिंह, नरेन्द्र यादव सहित उद्यान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

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