27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण में शुरू होगा विधानसभा सत्र, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश; वाहन पास के बिना विधानसभा परिसर में कर्मचारियों की गाड़ियों को भी नहीं मिलेगी एंट्री
देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रवेश पास से जुड़े नियम सख्त किए गए हैं। अब विधायकों की संस्तुति पर केवल एक व्यक्ति और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही विधानसभा परिसर में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों के वाहनों के लिए भी विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र अनिवार्य होगा।
विधानसभा सत्र की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने शनिवार को देहरादून स्थित विधानसभा भवन में शासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सत्र के सफल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रवेश पास को लेकर क्या होंगे नए नियम?
गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रवेश पत्र जारी करने के नियमों पर विशेष जोर दिया गया है।
बैठक में तय किए गए प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
- विधायकों की संस्तुति: एक व्यक्ति को ही प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा।
- मंत्रियों की संस्तुति: अधिकतम दो लोगों को प्रवेश पत्र जारी किए जा सकेंगे।
- कर्मचारियों के वाहन: विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के बिना विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
- सुरक्षा व्यवस्था: विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विधानसभा परिसर में प्रवेश को नियंत्रित करना और सत्र के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की आशंका को कम करना है।
विधानसभा की सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग को सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए प्रवेश पत्रों की जांच, वाहनों के प्रवेश और परिसर की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया है।
विधानसभा सचिवालय और पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।
सदन की कार्यवाही की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग
विधानसभा सत्र की कार्यवाही को आमजन तक पहुंचाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग एवं वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में तय किया गया कि सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की ओर से इस कार्य को संपन्न कराया जाएगा।
इस व्यवस्था से आम लोग भी सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेंगे और विधानसभा में होने वाली चर्चाओं तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल माध्यम से कार्यवाही के प्रसारण को सत्र की पारदर्शिता और सूचना की उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अग्निशमन दल से लेकर चिकित्सा सुविधाओं तक की तैयारी
विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन दल को सतर्क रहने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
चिकित्सा विभाग को पर्याप्त दवाइयों, आवश्यक चिकित्सा दल और एंबुलेंस की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सत्र के दौरान व्यवस्थाओं में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सभी विभागों को अपनी तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा गया है।
अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों से सत्र के संचालन में पूरा सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र राज्य के विकास, जनहित से जुड़े मुद्दों और नीतिगत निर्णयों पर गंभीर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे में सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेंगे जनप्रतिनिधि
गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले सत्र को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के साथ जनप्रतिनिधियों और अन्य अधिकृत लोगों के प्रवेश को व्यवस्थित रखना प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी होगी।
प्रवेश पास के नियमों में सख्ती, वाहन प्रवेश पत्र की अनिवार्यता, वेबकास्टिंग और आपातकालीन सुविधाओं की तैयारी इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। अब संबंधित विभागों की तैयारियों और आपसी समन्वय के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।