मंत्री रेखा आर्य केस में SIT जांच तेज, बरेली पहुंची टीम; वायरल ऑडियो की होगी पड़ताल

नौ सदस्यीय एसआईटी जुटा रही साक्ष्य, गिरधारी लाल साहू और कल्पना मिश्रा से जुड़े आरोपों की जांच तेज

उत्तराखंड/बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े घरेलू उत्पीड़न और कथित जान से मारने की धमकी के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। मामले की तह तक पहुंचने और साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी की एक टीम बरेली पहुंची है। टीम मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू के आवास सहित उनसे जुड़े अन्य संभावित ठिकानों पर जाकर मामले से संबंधित तथ्यों की पड़ताल करेगी।

मामले में सामने आए वायरल ऑडियो को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू और कल्पना मिश्रा के बीच बातचीत होने का दावा किया गया है। एसआईटी ऑडियो की सत्यता, बातचीत के संदर्भ और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित बातचीत किन परिस्थितियों में हुई और उसका मामले में लगाए गए आरोपों से क्या संबंध है।

एसपी ग्रामीण की निगरानी में नौ सदस्यीय टीम कर रही जांच

इस प्रकरण की जांच एसपी ग्रामीण की निगरानी में नौ सदस्यीय एसआईटी कर रही है। टीम को मामले से जुड़े आरोपों, अब तक सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच के दौरान संबंधित लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही उपलब्ध सामग्री और बयानों की पुष्टि पर भी जोर दिया जा रहा है।

बरेली पहुंची टीम की कार्रवाई को मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर तथ्यों का सत्यापन करने और संबंधित व्यक्तियों से जानकारी जुटाने के बाद जांच टीम पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।

साक्ष्यों के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई

एसआईटी गिरधारी लाल साहू और कल्पना मिश्रा से जुड़े आरोपों की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वायरल ऑडियो सहित अन्य साक्ष्यों की प्रमाणिकता की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई के संबंध में भी फैसला जांच में सामने आने वाले तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाएगा। फिलहाल एसआईटी का मुख्य फोकस मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना और आरोपों की निष्पक्ष जांच करना है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही प्रकरण में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *