कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार में सफाई की बड़ी चुनौती, 7000 मीट्रिक टन कचरा जमा; घाटों पर युद्धस्तर पर अभियान

हरिद्वार: विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद अब हरिद्वार नगर निगम और जिला प्रशासन के सामने शहर को कांवड़ मेले से जमा हुए कचरे से मुक्त करने की बड़ी चुनौती है। कांवड़ मेले के दौरान 4 करोड़ 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच शहर के घाटों, सड़कों और कांवड़ पटरी पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा हुआ। मेला समाप्त होते ही नगर निगम ने पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है और निगम की टीमें दिन-रात सफाई में जुटी हुई हैं।
कांवड़ मेले के दौरान शहर में अब तक करीब 7000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इसमें सामान्य शहरी कचरे को अलग करने के बाद कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 4000 से 4500 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा निकलने का अनुमान है। वहीं, गंगा से सटे घाटों पर ही करीब 4500 मीट्रिक टन तक कचरा जमा होने की जानकारी सामने आई है।
मेला समाप्त होने के बाद सबसे पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। इसके बाद गंगा से सटे अन्य घाटों और प्रमुख मार्गों पर भी सफाई शुरू कर दी गई। नगर निगम के करीब 1000 कर्मचारी घाटों और शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान में जुटे हैं। इसके साथ ही जिला पंचायत और परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रहे हैं।
हरकी पैड़ी समेत 95 फीसदी घाट साफ
नगर निगम की ओर से घाटों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है। हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, नई घाट, अलकनंदा, बिरला और विष्णु घाट समेत करीब 95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी कर ली गई है।
नगर निगम की टीमें घाटों से प्लास्टिक, कपड़े और अन्य प्रकार के कचरे को एकत्र कर रही हैं। कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने के लिए विशेष सेग्रीगेशन टीमों को भी लगाया गया है, ताकि उपयोगी सामग्री को रीसाइकिल किया जा सके और बाकी कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए।
डाक कांवड़ के दौरान बढ़ी थी चुनौती
हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के समापन के साथ ही बीती मंगलवार शाम से सफाई अभियान को और तेज कर दिया गया था। डाक कांवड़ के दौरान सड़कों और संकरी गलियों में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण कई स्थानों पर कचरा एकत्र हो गया था।
उन्होंने बताया कि सफाई अभियान में सबसे पहले घाटों और प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता दी गई। इसके बाद शहर के अन्य हिस्सों में सफाई का काम तेज किया गया।
नगर आयुक्त के अनुसार कांवड़ मेले की शुरुआत से अब तक करीब 7000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इसमें शहर के सामान्य कचरे को अलग करने के बाद कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 4000 से 4500 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा निकला है।
एकत्र किए गए कचरे को सराय स्थित प्रोसेसिंग प्लांट और एमआरएफ सेंटर भेजा जा रहा है, जहां इसे अलग-अलग कर आगे के निस्तारण और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया की जा रही है।
प्लास्टिक और कपड़ों के कचरे पर विशेष फोकस
कांवड़ मेले के दौरान घाटों और यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक और कपड़ों का कचरा बड़ी मात्रा में जमा हुआ। नगर निगम ने इस बार ऐसे कचरे को अलग करने के लिए विशेष सेग्रीगेशन टीमें लगाई थीं।
निगम का प्रयास है कि कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वैज्ञानिक माध्यम से उसका उचित निस्तारण किया जाए। इससे एक तरफ घाटों और शहर की सफाई सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी तरफ रीसाइकिल होने वाले कचरे को अलग कर उसका उपयोग किया जा सकेगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि बुधवार शाम तक शहर के ज्यादातर हिस्सों को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि इसके बाद भी अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त टीमें लगातार सफाई और निगरानी के काम में लगी रहेंगी।
परिवहन विभाग ने भी संभाली कांवड़ पटरी
कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी सफाई अभियान में जुट गए हैं। विभाग की टीमों ने हरिद्वार बस स्टैंड और परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर में सफाई की। कांवड़ यात्रा के दौरान जमा हुए कचरे को हटाकर संबंधित स्थानों को साफ किया गया।
एआरटीओ नेहा झा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जहां-जहां कचरा जमा था, वहां विशेष अभियान चलाकर सफाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
कांवड़ पटरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत की टीमें सक्रिय
हरिद्वार शहर के बाहर कांवड़ यात्रा मार्ग की सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत विभाग के पास है। ऐसे में कांवड़ पटरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमा हुए कचरे को हटाने के लिए जिला पंचायत के कर्मचारी भी मैदान में उतर गए हैं।
हरिद्वार जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी महेश विश्नोई के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ के साथ कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों की टीमें कांवड़ पटरी के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कर रही हैं। टीमें मौके पर कचरा एकत्र कर उसे हटाने का काम कर रही हैं।
सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश
मेला समाप्त होने के बाद अब जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों का फोकस हरिद्वार को जल्द से जल्द स्वच्छ बनाने पर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा है।
जिलाधिकारी ने सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों से भी सफाई अभियान में भागीदारी करने की अपील की है। प्रशासन का प्रयास है कि कांवड़ मेले के बाद शहर, घाटों, प्रमुख मार्गों और कांवड़ यात्रा मार्गों को जल्द से जल्द साफ कर सामान्य स्थिति में लाया जाए।
कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बाद इतनी बड़ी मात्रा में कचरा निकलना हरिद्वार के लिए सफाई और कचरा प्रबंधन की बड़ी चुनौती है। फिलहाल नगर निगम, जिला पंचायत, परिवहन विभाग और अन्य विभागों की टीमें इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार मैदान में जुटी हैं।
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